
देहरादून। मानसून के बाद प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा चलाए जा रहे पैच रिपेयर अभियान ने अच्छी रफ्तार पकड़ ली है और कुल प्रगति 83.61 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि, कई क्षेत्रों और विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मरम्मत का काम अभी भी काफी पीछे चल रहा है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति सबसे चिंताजनक, हल्द्वानी एनएच सर्किल फिसड्डी
लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों के सुधार कार्य में सबसे चिंताजनक स्थिति राष्ट्रीय राजमार्गों की है, जहां कुल प्रगति महज 28.09 प्रतिशत ही दर्ज की गई है। एनएच क्षेत्र के तहत 481.55 किमी. के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले केवल 135.25 किमी. ही पैचवर्क हो सका है।
इसमें भी एनएच सर्किल हल्द्वानी की स्थिति सबसे खराब है, जहां 168 किमी. के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 6 किमी. काम हुआ है, जो कि कुल लक्ष्य का महज 3.57 प्रतिशत है। इसके अलावा एनएच डिवीजन रानीखेत, लोहाघाट, बड़कोट, धुमाकोट और श्रीनगर में तो डैशबोर्ड पर प्रगति शून्य दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
देहरादून जोन में 65.55 प्रतिशत काम, कई खंडों में सुस्ती
राजधानी क्षेत्र यानी देहरादून जोन में 1,362.71 किमी. के लक्ष्य के मुकाबले 893.26 किमी. पैचवर्क पूरा किया गया, जिससे यहां कुल प्रगति 65.55 प्रतिशत दर्ज हुई। जोन के अंतर्गत आने वाले नौवें सर्किल देहरादून में 52.66 प्रतिशत और निर्माण खंड देहरादून में 49.43 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि प्रांतीय खंड देहरादून में डैशबोर्ड पर प्रगति शून्य दिखाई गई है।
अल्मोड़ा, हल्द्वानी और पौड़ी जोन ने किया बेहतर प्रदर्शन
सड़क सुधार के इस अभियान में कुछ क्षेत्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन भी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अल्मोड़ा जोन में 93.31 प्रतिशत, हल्द्वानी जोन में 99.90 प्रतिशत और पौड़ी जोन में शत-प्रतिशत (100 प्रतिशत) कार्य पूरा कर लिया गया है। विभाग अब सुस्त पड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और शून्य प्रगति वाले डिवीजनों पर काम में तेजी लाने के निर्देश दे रहा है ताकि जल्द से जल्द सभी सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त किया जा सके।