नैनीताल जिले के रामनगर में असली किन्नर समाज की सतर्कता से ‘नकली किन्नरों’ के एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कोसी बैराज के पास हुई इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय लोगों को ठगी से बचाया, बल्कि समाज की छवि खराब करने वालों को खदेड़ कर बाहर भी कर दिया।
इस पूरे प्रकरण की मुख्य बातें और किन्नर समाज की अपील नीचे दी गई है:
किन्नर समाज की गुरु रेशमा के नेतृत्व में सोमवार को कोसी बैराज पार्क में यह कार्रवाई की गई।
📌 कैसे हुआ भंडाफोड़?
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संदिग्ध गतिविधियां: रोडवेज बस स्टेशन और पार्कों में कुछ लोग खुद को किन्नर बताकर राहगीरों से अभद्र तरीके से पैसे मांग रहे थे और जबरन ‘बधाई’ की वसूली कर रहे थे।
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घेराबंदी: सूचना मिलने पर गुरु रेशमा और उनके सहयोगियों ने पार्क में बैठे दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ और जांच में उनकी पोल खुल गई।
🔍 पकड़े गए लोगों की पहचान
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मूल निवासी: पकड़े गए दोनों लोग उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले हैं।
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पहचान: इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल था, जो भेष बदलकर लोगों को ठग रहे थे।
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इलाके में आतंक: ये लोग न केवल ठगी कर रहे थे, बल्कि असली किन्नर समाज के नाम पर लोगों को डरा-धमका भी रहे थे।
⚖️ क्या हुई कार्रवाई?
किन्नर समाज ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही निम्नलिखित कदम उठाए:
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सख्त हिदायत: पकड़े गए लोगों को चेतावनी दी गई कि यदि वे दोबारा उत्तराखंड के इस क्षेत्र में नकली भेष में दिखे, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र से बाहर किया: दोनों आरोपियों को बस में बैठाकर रामनगर से वापस भदोही भेज दिया गया।
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छवि की रक्षा: गुरु रेशमा ने स्पष्ट किया कि ऐसे नकली लोगों के कारण समाज में उनके प्रति डर और नफरत का भाव पैदा हो रहा था, जिसे रोकना जरूरी था।
📢 गुरु रेशमा की जनता और प्रशासन से अपील
| अपीलकर्ता | मुख्य संदेश |
| प्रशासन के लिए | पुलिस ऐसे नकली लोगों पर सख्त कार्रवाई करे और सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ाए। |
| जनता के लिए | यदि कोई जबरन वसूली करे या संदिग्ध लगे, तो तुरंत स्थानीय किन्नर समाज या पुलिस को सूचित करें। |
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