देहरादून: राजधानी के पॉश इलाके किशन नगर एक्सटेंशन में एक प्ले ग्रुप स्कूल परिसर के भीतर पिछले कई महीनों से चल रहे देह व्यापार के धंधे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। स्कूल के पिछले हिस्से में कमरे किराये पर लेकर दो युवक अनैतिक कारोबार संचालित कर रहे थे। क्षेत्रवासियों और भाजपा पार्षद नंदिनी शर्मा की सूचना पर पहुंची पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन युवतियों को मुक्त कराया है।
पार्षद और संगठनों के विरोध के बाद जागा प्रशासन
घटना का खुलासा तब हुआ जब पार्षद नंदिनी शर्मा और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान स्कूल के पीछे बने कमरों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, शराब की बोतलें, कंडोम, डायरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे पेन ड्राइव व मेमोरी कार्ड बरामद हुए हैं।
नौकरी के नाम पर युवतियों का शोषण, एक संदिग्ध एचआईवी पॉजिटिव
पूछताछ में पता चला कि कमरे किराये पर लेने वाले आरोपी आशीष पांडेय (निवासी राजस्थान) और जंग बहादुर अनैतिक गतिविधियों में लिप्त थे। मुक्त कराई गई युवतियां मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली की रहने वाली हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण नौकरी की तलाश में देहरादून आई थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि तलाशी के दौरान एक युवती के पास से एचआईवी उपचार से संबंधित कार्ड मिला है, जिससे उसके संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने फिलहाल सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
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