हिमालय प्रहरी

कांवड़ यात्रा में गूंजी किलकारी, महिला शिवभक्त ने दिया जुड़वा बेटों को जन्म; SSP ने रखा नाम—‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’

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राजू अनेजा,मुजफ्फरनगर। सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान सोमवार को एक ऐसा भावुक और प्रेरक घटनाक्रम सामने आया, जिसने आस्था के साथ-साथ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के मानवीय चेहरे को भी सामने ला दिया। हरिद्वार-नीलकंठ से पवित्र गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रही एक महिला कांवड़िया को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए महिला को जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसने सुरक्षित रूप से जुड़वा बेटों को जन्म दिया। मां और दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं।

 

साथियों से बिछड़ी, रास्ते में शुरू हुई प्रसव पीड़ा

दिल्ली निवासी नेहा अपने साथियों के साथ सावन की कांवड़ यात्रा पर निकली थीं। हरिद्वार और नीलकंठ से गंगाजल लेकर लौटते समय वह किसी कारणवश अपने समूह से बिछड़ गईं। इसी दौरान सोमवार सुबह अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अकेली महिला की हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

पुलिस ने दिखाई फुर्ती, अस्पताल पहुंचाकर बचाई मां और बच्चों की जान

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बिना किसी देरी के महिला को जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम पहले से तैयार थी। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया और कुछ ही देर में सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने दो स्वस्थ पुत्रों को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार मां और दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे SSP और SP सिटी

जुड़वा बच्चों के जन्म की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे। अधिकारियों ने चिकित्सकों से मां और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नवप्रसूता का हालचाल भी जाना और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

मां की सहमति से रखा भगवान शिव के पुत्रों के नाम

अस्पताल में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने महिला की सहमति के बाद दोनों नवजातों का नामकरण किया। उन्होंने बड़े बेटे का नाम ‘गणेश’ और दूसरे बेटे का नाम ‘कार्तिकेय’ रखा। भगवान शिव के दोनों पुत्रों के नाम पर रखा गया यह नाम सावन और कांवड़ यात्रा की आस्था से जुड़कर इस पूरे घटनाक्रम को और भी विशेष बना गया।

फलों की टोकरी और उपहार देकर दी शुभकामनाएं

एसएसपी ने नवप्रसूता को फलों की टोकरी भेंट की और दोनों नवजातों को उपहार देकर उनके स्वस्थ, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पुलिस कर्मियों ने भी परिवार को बधाई दी। अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों ने भी इस पल को यादगार बताया।

सेवा, संवेदनशीलता और आस्था की बनी मिसाल

सावन की कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आई यह घटना केवल जुड़वा बच्चों के जन्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि आपात स्थिति में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग किस तरह संवेदनशीलता और तत्परता से लोगों की मदद कर सकते हैं। समय पर मिली सहायता के कारण मां और दोनों नवजात सुरक्षित हैं। वहीं भगवान शिव के पुत्रों के नाम पर हुए नामकरण ने इस घटना को आस्था से जोड़ते हुए पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया।

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