हिमालय प्रहरी

विश्वास का फायदा उठाकर किरायेदार ने बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 1.36 लाख; थल पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा

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पिथौरागढ़/थल। पिथौरागढ़ जिले के थल थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग मकान मालिक का अपने ही किरायेदार पर भरोसा करना भारी पड़ गया। किरायेदार ने धोखे से बुजुर्ग का मोबाइल और फोनपे (PhonePe) का पिन हासिल कर उनके बैंक खाते से डेढ़ महीने के भीतर 26 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,36,588 रुपये उड़ा लिए। बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए थल पुलिस ने आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल और ठगी की रकम में से 7 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा: कोटगाड़ी का मामला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोटगाड़ी निवासी 65 वर्षीय गोविंद बल्लभ जोशी ने 7 अक्टूबर को थल थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से यूपीआई (UPI/PhonePe) के माध्यम से बिना उनकी जानकारी के 26 बार में कुल ₹1,36,588 की रकम ट्रांसफर कर ली गई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर थानाध्यक्ष गणेश भट्ट के नेतृत्व में जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और बैंक विवरण खंगालने पर पता चला कि ठगी गई रकम शुभम राय, किरन देवी, प्रिया कुमारी और गीता देवी के खातों में भेजी गई थी।

मकान मालिक का विश्वास जीतकर चुराया था पिन

जांच के दायरे में बुजुर्ग के घर पिछले छह महीने से किराए पर रह रहा एक मजदूर आया। पूछताछ में उसने सारा सच उगल दिया। आरोपी की पहचान रुदल महतो (35) पुत्र मुंशी महतो, निवासी पश्चिमी चंपारण (बिहार) के रूप में हुई। आरोपी कोटगाड़ी में किराए पर रहकर टाइल लगाने का काम करता था। बुजुर्ग मकान मालिक अक्सर बाजार से सामान मंगाने के लिए उसे अपना मोबाइल फोन देते थे और इसी दौरान उसने फोनपे का पिन व पासवर्ड याद कर लिया था।
आरोपी ने 20 अगस्त से 6 अक्टूबर 2026 के बीच बुजुर्ग के मोबाइल से रकम निकालनी शुरू कर दी। उसने 67 हजार रुपये अपनी पत्नी किरन देवी के खाते में भेजे, जबकि 48 हजार रुपये से अपना पुराना कर्ज चुकाया। थल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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