हिमालय प्रहरी

शहर के चर्चित जिम संचालक पर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो और जबरन गर्भपात के गंभीर आरोप, कोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला

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राजू अनेजा,काशीपुर। शहर के चर्चित जिम के संचालक पर एक युवती ने ऐसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिन्होंने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। पीड़िता का आरोप है कि जिम संचालक  ने पहले उसे प्रेमजाल में फंसाया, फिर दुष्कर्म कर उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा और अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया।

 

मामले ने उस वक्त और भयावह मोड़ ले लिया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीन माह की गर्भवती होने पर आरोपी ने धमकियों के दम पर उसका जबरन गर्भपात भी करा दिया। पीड़िता का कहना है कि उसने न्याय की गुहार लेकर संबंधित थाना और पुलिस के आला अधिकारियों तक भी कई प्रार्थना पत्र भेजे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, काशीपुर की अदालत में बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। लेकिन 20 जनवरी 2026 को निचली अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध प्रतीत नहीं होता।
निचली अदालत के इस फैसले से आहत पीड़िता ने हार नहीं मानी और द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, काशीपुर की अदालत में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका संख्या-6/2026 दाखिल कर दी। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश और सिंधु आकाश ने जोरदार पैरवी करते हुए अदालत के सामने तमाम तथ्य और कानूनी तर्क रखे। वहीं आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने पक्ष रखा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुनरीक्षण न्यायालय ने समस्त अभिलेखों और साक्ष्यों का अवलोकन किया। सुनवाई के बाद अदालत ने निचली अदालत के 20 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर बीएनएसएस 2023 की धारा 175(3) के तहत विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई करते हुए नया आदेश पारित किया जाए।
अदालत के इस फैसले के बाद अब पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की उम्मीद फिर से जिंदा हो गई है। वहीं शहर में यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

 

 

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