
देहरादून, 13 जून 2026: भारतीय खेल जगत और विशेषकर निशानेबाजी (शूटिंग) को विश्व पटल पर स्वर्णिम पहचान दिलाने वाले महान निशानेबाज, पद्मश्री पुरस्कार विजेता जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम करीब पौने आठ बजे देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचा। जैसे ही उनके पार्थिव शरीर को लेकर एंबुलेंस पौंधा क्षेत्र के मझोन गांव पहुंची, पूरा माहौल गहरे शोक, सिसकियों और चीखों में डूब गया। जिस वीर सपूत को कभी देश और उत्तराखंड ने आसमान छूते देखा था, आज उसे तिरंगे और फूलों के बीच बेजान देख हर आंख नम थी। घर के बाहर उनके अंतिम दर्शनों के लिए सैकड़ों ग्रामीणों और प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पिता नारायण सिंह राणा का टूटा हौसला; ‘पिता समान गुरु’ को खोकर रो पड़ीं मनु भाकर
जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा अपने होनहार बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर सुध-बुध खो बैठे और फफक-फफक कर रो पड़े। बुजुर्ग पिता की आंखों से बहती आंसुओं की धारा और उनकी सिसकियां वहां मौजूद हर व्यक्ति का कलेजा चीर रही थीं।
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मनु भाकर हुईं भावुक: रात करीब आठ बजे जसपाल राणा की शिष्या और ओलिंपिक पदक विजेता मनु भाकर भी गुरु के अंतिम दर्शनों के लिए मझोन गांव पहुंचीं। अपने मार्गदर्शक और कोच के पार्थिव शरीर के सामने आते ही मनु फूट-फूटकर रोने लगीं।
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मीडिया से दूरी: गमगीन मनु भाकर ने इस दौरान मीडिया से कोई लंबी बातचीत नहीं की, लेकिन बेहद भावुक होकर सिर्फ इतना कहा:
“मेरा पिता समान गुरु आज चला गया। मैं खेल और जीवन के जिस मुकाम पर भी हूँ, वह सिर्फ और सिर्फ जसपाल सर की बदौलत हूँ। उन्होंने मुझे सिखाया कि खेल में अनुशासन और जुनून का संतुलन कैसे बनाया जाता है।”
— मनु भाकर, ओलिंपिक पदक विजेता
देश के दिग्गज निशानेबाज पहुंचे देहरादून; राष्ट्रीय शूटिंग कैंप के ट्रायल्स स्थगित
जसपाल राणा को अंतिम विदाई देने के लिए भारतीय निशानेबाजी जगत के कई बड़े और विख्यात सितारे देहरादून पहुंचे। पेरिस ओलिंपिक 2024 में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाले स्वप्निल कुसाले और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता सरबजोत सिंह ने मझोन गांव पहुंचकर अपने प्रेरणास्रोत को अंतिम विधिक प्रणाम किया।
इधर, देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में चल रहा राष्ट्रीय निशानेबाजी शिविर (National Shooting Camp) भी इस दुखद खबर से पूरी तरह शोक में डूब गया। जसपाल राणा के निधन के कारण शुक्रवार को होने वाले पूर्व निर्धारित शूटिंग ट्रायल्स को स्थगित कर दिया गया। कैंप के कई राष्ट्रीय खिलाड़ी देर शाम सीधे उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
मुख्यमंत्री धामी और गणमान्य हस्तियों ने व्यक्त की शोक संवेदना
जसपाल राणा के निधन की सूचना मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वर्गीय खिलाड़ी के आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जसपाल राणा का असमय जाना देश और उत्तराखंड राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है और खेल जगत में उनका योगदान युवाओं को युगों तक प्रेरित करता रहेगा। उनके अलावा उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री खजान दास, स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित कई प्रशासनिक और खेल अधिकारियों ने भी पुष्प चक्र अर्पित किए।
आज वाराणसी (काशी) के गंगा घाट पर होगी अंतिम विदाई
पारिवारिक सूत्रों से प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, जसपाल राणा का पार्थिव शरीर आज (शनिवार) सुबह 10 बजे तक आम जनता और प्रशंसकों के अंतिम दर्शन के लिए देहरादून आवास पर ही रखा जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को विशेष विमान/वाहन के जरिए उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) ले जाया जाएगा।
बताया गया कि जसपाल राणा की भगवान शिव और मोक्षदायिनी मां गंगा के प्रति गहरी और अटूट धार्मिक आस्था थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में यह विधिक इच्छा व्यक्त की थी कि उनका अंतिम संस्कार बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में ही किया जाए। उनके परिजनों द्वारा उनकी इसी अंतिम विधिक इच्छा के अनुरूप वाराणसी के मणिकर्णिका या हरिश्चंद्र घाट पर पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि संपन्न की जाएगी।
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