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काठगोदाम कलसिया पुल के विस्तार का रास्ता साफ: प्रशासन व नगर निगम ने जेसीबी चलाकर हटाया अतिक्रमण; मानसून से पहले निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

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हल्द्वानी: कुमाऊं मंडल की लाइफलाइन माने जाने वाले काठगोदाम स्थित कलसिया पुल के स्थाई निर्माण और चौड़ीकरण कार्य को गति देने के लिए सोमवार को प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा के नेतृत्व में पुलिस व निगम की टीम ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से पुल के आसपास किए गए भारी अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। इस महत्वपूर्ण विधिक कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे और पूरी विधिक प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।

अस्थाई बेली ब्रिज के भरोसे चल रहा कुमाऊं का यातायात; नोटिस के बाद भी नहीं हटा था कब्जा

सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने मामले की विस्तृत प्रशासनिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि कुछ वर्ष पूर्व हुई भारी मूसलधार बारिश और कलसिया नाले के उफान के कारण यह मुख्य पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। चूंकि यह पुल कुमाऊं मंडल के छह पहाड़ी जिलों को आपस में जोड़ने वाला एकमात्र महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और यहां से प्रतिदिन हजारों वाहनों की आवाजाही होती है, इसलिए यातायात सुचारू रखने के लिए तत्कालीन रूप से एक अस्थाई बेली ब्रिज (Bailey Bridge) का निर्माण किया गया था।

अब शासन द्वारा स्थाई और विस्तृत पुल के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। इस स्थाई पुल के निर्माण और इसके समानांतर बनने वाले वैकल्पिक पुल के मार्ग में स्थानीय लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को पूर्व में ही विधिक नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अवैध निर्माण हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी जब लोगों ने कब्जा नहीं हटाया, तो प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

विकास कार्यों में बाधा बर्दाश्त नहीं; मानसून से पहले काम पूरा करने की चुनौती

नगर निगम आयुक्त परितोष वर्मा ने स्पष्ट किया कि जनहित और जनसुरक्षा से जुड़े इस बेहद महत्वपूर्ण विकास कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस की मियाद पूरी होते ही विधिक रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में मानसून की दस्तक से पहले पुल के मुख्य ढांचे और एप्रोच रोड के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है। यदि मानसून से पहले यह स्थाई निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, तो आगामी बरसात में कुमाऊं के पर्वतीय जनपदों की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडरा सकता है। इसी भावी संकट को देखते हुए प्रशासन अब दिन-रात युद्धस्तर पर पुल निर्माण कार्य को संपन्न कराने में जुट गया है।

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