
राजू अनेजा,सितारगंज। उत्तराखंड और यूपी में लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं के पीछे आखिरकार उस अंतरराज्यीय गिरोह का चेहरा सामने आ गया, जिसने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। सितारगंज पुलिस ने दो शातिर बाइक चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पूछताछ में जो खुलासे हुए, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। आरोपी चोरी की बाइक नेपाल में बेचते थे, जहां इन गाड़ियों की बाकायदा “मंडी” सजती थी और मॉडल के हिसाब से मोटी रकम वसूली जाती थी।
पुलिस के मुताबिक गिरोह पिछले करीब एक साल से सक्रिय था और उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपी खासतौर पर भीड़भाड़ वाले मेले, बाजार और सुनसान इलाकों को निशाना बनाते थे। बाइक चोरी के बाद नंबर प्लेट बदल दी जाती थी और फिर सीमावर्ती रास्तों से नेपाल पहुंचाकर उन्हें बेच दिया जाता था।
बुलेट की सबसे ज्यादा डिमांड, स्कूटी भी हाथोंहाथ बिकती थी
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नेपाल में सबसे ज्यादा डिमांड बुलेट मोटरसाइकिल की रहती थी। चोरी की बुलेट आसानी से 30 हजार रुपये तक बिक जाती थी। वहीं अपाचे के 18 हजार, स्प्लेंडर के 15 हजार और स्कूटी के 20 हजार रुपये तक मिल जाते थे। आरोपियों ने कबूल किया कि वे अब तक करीब 25 मोटरसाइकिलें चोरी कर नेपाल में बेच चुके हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह चोरी की गाड़ियों को नेपाल पहुंचाने से पहले उनके नंबर और पहचान बदल देता था, ताकि पुलिस को भनक तक न लगे। गिरोह का फरार सदस्य अमरजीत सिंह नेपाल में खरीदारों से संपर्क करता था और वहीं पूरी डील फाइनल कराता था।
दो महीने से पुलिस के लिए सिरदर्द बना था गिरोह
पिछले दो महीनों में सितारगंज, रुद्रपुर, किच्छा, बाजपुर समेत कई इलाकों में बाइक चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी थीं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक सुंदरम शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी।
गुरुवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक चोर गिरोह के सदस्य सिडकुल क्षेत्र की सूखी नदी पुलिया के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर करन सिकदार निवासी पुलभट्टा और समर सिंह निवासी शक्तिफार्म को गिरफ्तार कर लिया।
चड़क मेले से चोरी हुई बुलेट ने खोला पूरा नेटवर्क
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शक्तिफार्म के चर्चित चड़क मेले से चोरी की गई बुलेट बरामद की। इसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों ने पूरे नेटवर्क का राज खोल दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सात अन्य चोरी की बाइकें भी बरामद कीं। इनमें बुलेट, अपाचे, प्लेटिना, डिस्कवर, स्प्लेंडर और एक स्कूटी शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ बाइक चोरी के मुकदमे बरेली और बहेड़ी थानों में पहले से दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
फरार आरोपी की तलाश में दबिश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह का फरार सदस्य अमरजीत सिंह अभी पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरोह में और भी सदस्य शामिल हो सकते हैं और नेपाल सीमा से जुड़े कुछ अन्य नेटवर्क भी सामने आ सकते हैं।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, चौकी प्रभारी जगदीश तिवारी, उपनिरीक्षक कैलाश देव, अपर उपनिरीक्षक राकेश रौकली और प्रेम सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने साफ किया है कि वाहन चोरों और तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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