हिमालय प्रहरी

नर गुलदार का शव मिलने से हड़कंप, क्या आपसी संघर्ष में गई गुलदार की जान?

खबर शेयर करें -

अल्मोड़ा के चौखुटिया ब्लॉक के बौनीगाड गांव में खेत के पास एक नर गुलदार का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। हालांकि गुलदार की मौत से ग्रामीणों को दहशत से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन वन विभाग इस मामले को वन्यजीवों के आपसी संघर्ष (Territorial Fight) के नजरिए से देख रहा है।

घटना और वन विभाग की कार्रवाई का विवरण नीचे दिया गया है:


🐆 घटना का विवरण: आपसी संघर्ष में गई गुलदार की जान?

शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने खेत में एक विशाल गुलदार को अचेत अवस्था में देखा, तो पहले इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बाद में पुष्टि हुई कि गुलदार की मृत्यु हो चुकी है।

  • गुलदार का विवरण: मृतक गुलदार नर है, जिसकी उम्र लगभग 4 से 5 वर्ष बताई जा रही है। इसकी लंबाई 7 फीट और ऊंचाई करीब ढाई फीट है।

  • चोट के निशान: गुलदार के शरीर पर गहरे घाव पाए गए हैं, जो आमतौर पर दो ताकतवर जानवरों के बीच होने वाली लड़ाई में लगते हैं।

  • प्रत्यक्षदर्शियों का अनुभव: स्थानीय निवासी पंडित जुगल जोशी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे जंगल से जानवरों के आपस में भिड़ने की भयानक आवाजें आ रही थीं, जिससे इस बात को बल मिलता है कि यह मौत आपसी संघर्ष का परिणाम है।


🛡️ वन विभाग की कार्रवाई

सूचना मिलने पर द्वाराहाट वन रेंज के फॉरेस्टर राहुल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

  1. शव को कब्जे में लिया: विभाग ने गुलदार के शव को कब्जे में लेकर वन रेंज कार्यालय चंथरिया पहुंचाया।

  2. पोस्टमार्टम: मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कहीं इसमें शिकार (Poaching) जैसा कोई अन्य कोण तो नहीं है।

  3. गश्त में इजाफा: क्योंकि लड़ाई दो जानवरों के बीच हुई थी, इसलिए दूसरा घायल जानवर आसपास ही हो सकता है। इसे देखते हुए वन विभाग ने इलाके में गश्त (Patrolling) बढ़ा दी है।


📢 ग्रामीणों के लिए चेतावनी

वन विभाग ने बौनीगाड और आसपास के ग्रामीणों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है:

  • रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलें।

  • पालतू जानवरों को सुरक्षित बाड़ों में रखें।

  • यदि जंगल से असामान्य आवाजें आएं, तो तुरंत वन कर्मियों को सूचित करें।

Exit mobile version