हिमालय प्रहरी

रूस में फंसे पिथौरागढ़ के दो सगे भाइयों की 97 दिन बाद सकुशल वतन वापसी: सीएम धामी के हस्तक्षेप पर भारतीय दूतावास ने कराई घर वापसी

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पिथौरागढ़। रोजगार के नाम पर धोखे का शिकार होकर रूस में फंसे पिथौरागढ़ निवासी दो सगे भाइयों—आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की की 97 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सकुशल घर वापसी हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से लगातार समन्वय बनाकर दोनों युवकों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाया। बेटों के सकुशल लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है और मुख्यमंत्री समेत केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
ट्रैवल एजेंसी के झांसे में आए थे दोनों भाई, रूस पहुंचने पर कराया जा रहा था जबरन काम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों भाई विदेश में रोजगार पाने के लालच में एक ट्रैवल एजेंसी के झांसे में आ गए थे। एजेंसी ने उनसे करीब आठ लाख रुपये भी ऐंठ लिए थे। छह मई को मास्को पहुंचने के बाद उनसे उनकी इच्छा के विपरीत काम कराया जाने लगा और पारिश्रमिक भी नहीं दिया गया। जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया, उन्होंने अधिकारियों को दोनों युवकों की सकुशल वापसी के निर्देश दिए। अधिकारियों के निरंतर प्रयासों से विदेश मंत्रालय के सहयोग से दोनों की वापसी संभव हो सकी।
सीएम धामी ने फोन पर जाना हाल, कहा— नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
घर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों भाइयों से फोन पर बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का कोई भी नागरिक दुनिया के किसी भी कोने में यदि संकट में होगा, तो राज्य सरकार उसकी मदद के लिए तत्पर रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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