
गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में मंगलवार से विधानसभा का दो दिवसीय सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आयोजित हो रहे इस सत्र के पहले दिन ही सदन के पटल पर करीब 7400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, 10 महत्वपूर्ण विधेयक और विभिन्न विभागों के पांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। हालांकि, सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की तैयारियों को देखकर यह साफ है कि यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है।
सत्तापक्ष और विपक्ष ने कसी कमर, भराड़ीसैंण में हुई बैठकें
सत्र के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी तथा सत्तापक्ष व विपक्ष के सभी विधायक सोमवार को ही गैरसैंण पहुंच गए थे। भराड़ीसैंण में भाजपा और कांग्रेस के विधानमंडल दलों की अलग-अलग बैठकें हुईं, जिनमें दोनों दलों ने अपनी-अपनी रणनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में सदन की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। इस दौरान सत्ताधारी दल के विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर तीव्र रोष व्यक्त किया। बैठक में यह तय किया गया कि विपक्ष के हमलों का सदन के भीतर जोरदार पलटवार किया जाएगा।
उधर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की सूची तैयार की गई। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में कथित ढुलमुल रवैये, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों पर सरकार को आड़े हाथों लेने का निर्णय लिया है। विपक्षी विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की अनदेखी का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाने का फैसला किया है।
दिवंगत नेताओं को दी जाएगी श्रद्धांजलि
विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही के दौरान दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी और पूर्व मंत्री स्व. हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
सदन में आज पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयक व दस्तावेज
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने जानकारी दी है कि सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्र के दौरान कुल 31 विधायकों द्वारा 445 सवाल लगाए गए हैं। मंगलवार को सदन में निम्नलिखित प्रमुख विधेयक और प्रपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे:
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7400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
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उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी अधिनियम विधेयक
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उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड निवेश और आधारित संरचना विकास और विनियमन संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड जनविश्वास उपबंधों का संशोधन (द्वितीय) विधेयक
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उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड उच्च शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक
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उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक
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उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक
एक तरफ जहां सरकार अपने विकास के रोडमैप और वित्तीय प्रस्तावों को सदन में आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के विधानसभा घेराव के ऐलान और तीखे तेवरों को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।