27 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव की तैयारी; ग्राम प्रधानों के आर-पार के ऐलान और कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच धारा 163 लागू
गैरसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सियासी और सामाजिक हलचल चरम पर पहुँच गई है। ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती, लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकारी उपेक्षा के खिलाफ प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ‘प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड’ ने 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव की घोषणा की है, जिसमें राज्य के सभी 13 जिलों से हजारों की संख्या में ग्राम प्रधान जुटेंगे। वहीं, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी 27 अक्टूबर को ही भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव का बड़ा कार्यक्रम रखा है। दोहरे प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने मुस्तैदी बढ़ाते हुए भराड़ीसैंण क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है।
अधिकारों पर कैंची चलाने का आरोप, 10 सूत्रीय मांगों पर शासनादेश की मांग
प्रधान संगठन के गैरसैंण ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नेगी ने बताया कि संगठन अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है। पूर्व में देहरादून सचिवालय कूच के समय सरकार ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन फाइलें आज भी शासन स्तर पर ही अटकी हैं।
इस बार असंतोष का मुख्य कारण ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को सीमित करना है। मनोज नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार ने नए पंचायत भवनों के निर्माण, पुनर्निर्माण और सुधारीकरण के कार्यों को ग्राम पंचायतों से छीनकर अन्य कार्यदायी संस्थाओं को सौंपने का ‘तुगलकी फरमान’ जारी किया है। प्रधानों का कहना है कि यह पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
27 अक्टूबर के कूच की रूपरेखा तैयार
संगठन द्वारा तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार:
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सुबह 11:00 बजे: राज्यभर से आए प्रधान, ब्लॉक व जिला अध्यक्ष तथा प्रांतीय पदाधिकारी गैरसैंण स्थित क्रीड़ा मैदान में एकत्र होंगे।
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संक्षिप्त सभा: क्रीड़ा मैदान में सभा के पश्चात एकजुट होकर रैली निकाली जाएगी।
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दोपहर 01:00 बजे: क्रीड़ा मैदान से विधानसभा भराड़ीसैंण के लिए विशाल पैदल कूच शुरू होगा।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि घेराव के बाद भी सरकार ने 10 सूत्रीय मांगों पर तत्काल शासनादेश (GO) जारी नहीं किया, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
विभिन्न जनमुद्दों को लेकर कांग्रेस का भी विशाल प्रदर्शन
दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 27 अक्टूबर को ही भराड़ीसैंण में विशाल विधानसभा घेराव की घोषणा की गई है। कांग्रेस बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों की दुर्दशा, पेयजल संकट, शिक्षा व्यवस्था, स्थायी राजधानी गैरसैंण, पेपर लीक प्रकरण, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार, अग्निपथ योजना तथा महिला व दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में भी कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने की अपील की है।
सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता, भराड़ीसैंण क्षेत्र में धारा 163 लागू
विधानसभा सत्र और प्रस्तावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भराड़ीसैंण क्षेत्र में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नारेबाजी, धरना-प्रदर्शन और सभाओं को लेकर सख्त पाबंदियां रहेंगी और नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

