
लालकुआं। आगामी 2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने अपनी राजनीतिक व संगठनात्मक हलचल तेज कर दी है। पार्टी के केंद्रीय संगठन मंत्री भुवन सिंह बिष्ट ने लालकुआं में मीडिया से बातचीत करते हुए यूकेडी का चुनावी विजन साझा किया और जनता से राज्य के स्वाभिमान, हक व पहचान की रक्षा के लिए एकजुट होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का चुनाव उत्तराखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित होगा, इसलिए जनता को क्षेत्रीय ताकतों को मजबूत करना होगा।
सख्त भू-कानून, मूल निवास 1950 और गैरसैंण को पूर्ण राजधानी बनाने की मांग
भुवन सिंह बिष्ट ने पार्टी के प्रमुख संकल्पों को सामने रखते हुए कहा कि राज्य की कीमती जमीनों को बाहरी भू-माफियाओं से बचाने के लिए सख्त भू-कानून तुरंत लागू किया जाए। इसके साथ ही मूल निवास की कट-ऑफ डेट 1950 तय करने की मांग की, ताकि नौकरियों और सरकारी योजनाओं का लाभ मूल निवासियों को मिल सके। उन्होंने गैरसैंण को कागजों के बजाय पूर्ण व प्रभावी स्थायी राजधानी के रूप में विकसित करने, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय लोगों का अधिकार सुरक्षित करने तथा राज्य में उत्पादित बिजली का पहला लाभ उत्तराखंड की जनता को देने की वकालत की।
पलायन पर रोक, स्थानीय स्वरोजगार और बेटियों की सुरक्षा प्राथमिकता
यूकेडी नेता ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी ठेकों व कॉन्ट्रैक्ट्स में उत्तराखंड के मूल निवासियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था दुरुस्त कर पलायन को स्थायी रूप से रोकने, होमस्टे व साहसिक पर्यटन से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उत्तर प्रदेश से जुड़े परिसंपत्तियों के लंबित विवादों के जल्द समाधान का मुद्दा उठाया गया। उन्होंने पहाड़ों के अनियंत्रित निर्माण और पर्यावरण खिलवाड़ पर रोक लगाने के साथ अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए बेटियों की सुरक्षा व त्वरित न्याय को प्राथमिकता बताया। उन्होंने “जय उत्तराखंड, जय पहाड़, जय पहाड़ी” के नारे के साथ जनता से अधिकारों की लड़ाई में आगे आने का आह्वान किया।