देहरादून: नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तराखंड ने बड़ी छलांग लगाते हुए छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि उत्तराखंड निर्यात (Export) के क्षेत्र में देश के अन्य छोटे और हिमालयी राज्यों की तुलना में सबसे बेहतर तैयारी और बुनियादी ढांचा रखता है।
🏆 उपलब्धि के मुख्य बिंदु
-
रैंकिंग: छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान।
-
सफलता का आधार: राज्य की निर्यातोन्मुख नीतियां, बेहतर कारोबारी माहौल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर।
-
महत्व: यह सूचकांक किसी राज्य की निर्यात क्षमता और उसे बढ़ावा देने वाली नीतियों का आकलन करता है।
🗣️ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संदेश
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए गर्व का विषय बताया और इसके दूरगामी लाभों पर प्रकाश डाला:
“यह हमारी उद्योग समर्थक नीतियों और निर्यात को बढ़ावा देने की सतत कोशिशों का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था सशक्त हो सके।”
🚀 निर्यात से होने वाले लाभ (रिपोर्ट के अनुसार)
नीति आयोग की रिपोर्ट में निर्यात को आर्थिक विकास का ‘इंजन’ माना गया है, जिसके निम्नलिखित फायदे बताए गए हैं:
-
विदेशी मुद्रा: अंतरराष्ट्रीय व्यापार से देश और राज्य को विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
-
वैश्विक भागीदारी: वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chains) में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ती है।
-
व्यापार घाटा: अधिक निर्यात से व्यापार घाटे को कम करने में मदद मिलती है।
-
रोजगार: औद्योगिक विकास और निर्यात बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
