
उत्तराखंड के इस शहर में बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शवदाह को लेकर दो पक्ष आपस मे भिड़ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह मामला शांत करवाया। जसपुरखुर्द के पशुपति विहार स्थित श्मशानघाट में शवदाह को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए।
एक पक्ष आबादी क्षेत्र से श्मशान को शिफ्ट करने पर अड़ा है तो दूसरा पक्ष वहां परंपरागत ढंग से अंतिम संस्कार कराने की बात कह रहा है। विवाद की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने उत्तेजित लोगों को समझाकर शव का अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने समाधान निकालने तक वहां यथास्थिति बनाए रखने की बात कही है।
जसपुरखुर्द के पशुपति विहार में तीन बीघा से अधिक भूमि राजस्व अभिलेखों में बतौर श्मशान दर्ज है। लोग यहां वर्ष 1962 से शवों का अंतिम संस्कार करते रहे हैं। यहां आसपास आबादी होने पर लोग वहां से श्मशानघाट हटाने की मांग करने लगे। इसको लेकर 11 अक्तूबर 2023 को भी विवाद हो चुका है।
कालोनीवासियों ने श्मशानघाट हटाने के लिए एसडीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया है। एसडीएम दोनों पक्षों से वार्ता कर समाधान निकलने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को नीझड़ा के लोग एक व्यक्ति का शव लेकर श्मशानघाट पहुंचे। सूचना पर दूसरे पक्ष के लोग भी वहां आ गए। शवदाह को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। उनका
कहना था कि शवदाह के लिए गंगेबाबा रोड के श्मशानघाट जाना चाहिए। नए बसे लोगों के दिवंगत परिजनों का अंतिम संस्कार भी वहीं होता है। विवाद की सूचना पर तहसीलदार पंकज चंदोला, आईटीआई थाना प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
तहसीलदार चंदोला ने दोनों पक्षों को सुनकर श्मशान घाट की भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि विवाद का समाधान न होने तक श्मशानघाट में अंतिम संस्कार जारी रहेगा।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें