‘औकात’ तंज पर फिर खेल गए मोदी, जानिए गाली को जीत की ताली में कैसे बदल देते हैं

पीएम नरेंद्र मोदी विपक्ष के सबसे कड़वे हथियार को भी अपनी जीत में बदलने का हुनर जानते हैं। बात चाहे चायवाले की हो या फिर हाल में ही औकात दिखाने की। पीएम मोदी ने विपक्ष की धार का रुख उनकी ओर मोड़ देते हैं। दरअसल, विपक्षी नेता या दल पीएम मोदी को घेरने का हर दांव चलते हैं लेकिन उनका दांव ही उल्टा पड़ जाता है। वैसे भी पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि वे रोजाना दो-तीन किलो गालियां खाते हैं और सभी गालियां उनकी न्यूट्रिशन में बदल जाते हैं। पीएम मोदी की इन बातों में दम भी है। 2014 से लेकर 2022 तक पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष के दिए हर बयान उल्टा ही रहा है।

औकात बयान पर मोदी ने मिस्त्री को घेरा
गुजरात के सुरेंद्रनगर में एक जनसभा में पीएम मोदी ने मिस्त्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी कोई औकात नहीं है और हमारी औकात बस सेवा देने की है। दरअसल, 12 नवंबर को कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। राजीव भवन में पार्टी का घोषणापत्र लॉन्च करने के बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि वो गुजरात चुनाव में पीएम मोदी को उनकी औकात दिखाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी कितनी कोशिश कर लें, वे सरदार पटेल नहीं बन सकते। साथ ही कांग्रेस ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया कि अगर गुजरात में उनकी सरकार आती है तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदल देंगे।

जब अय्यर ने कहा था चायवाला
2014 लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को चायवाला बताया था। उस वक्त कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा था और अय्यर ने कहा कि मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते और कांग्रेस सम्मेलन में चाय ही बेच सकते हैं। बस फिर क्या था पीएम मोदी ने इस बयान को हाथोंहाथ लपका और चाय पर चर्चा शुरू की। उन्होंने वडनगर में अपने चाय बेचने के दिनों की याद की। पीएम मोदी ने इसस बयान को अपने फेवर में ऐसे बदला कि 2014 में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई।

पीएम को ‘नीच’ और ‘असभ्य’ कह दिया
2017 में अय्यर ने पीएम मोदी को एक और बयान देकर हलचल मचा दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित इंटरनैशनल बाबा साहेब आंबेडकर सेंटर का उद्घाटन किया था। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर इशारों में जमकर निशाना साधा था और कहा था कांग्रेस ने एक परिवार को बढ़ाने के लिए बाबा साहेब के योगदान को दबाया था। पीएम के इस बयान पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बहुत ज्यादा तल्ख टिप्पणी की है थी उन्होंने मोदी को ‘नीच’ और ‘असभ्य’ तक कह डाला।

सोनिया के कहा था ‘मौत का सौदागर’
2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उस समय के सीएम नरेंद्र मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा था। सोनिया ने नवसारी की रैली में कहा था कि गुजरात की सरकार चलाने वाले झूठे, बेईमान और मौत के सौदागर हैं। इसके बाद मोदी ने सोनिया को जवाब देते हुए कहा था कि मौत के सौदागर तो वो हैं जो संसद पर हमला किए और कांग्रेस उन लोगों को सजा से बचा रही है। पीएम मोदी ने सोनिया के बयान को गुजरात चुनावों में जमकर भुनाया था। उस समय 182 सदस्यीय विधानसभा बीजेपी को 117 सीटें मिली थी।

जब राहुल ने दिया था, जहर की खेती वाला बयान
2014 के चुनाव में मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद राहुल गांधी ने भी मोदी पर एक ऐसा बयान छोड़ा जिसे लपककर उन्होंने अपनी जीत का मार्ग प्रशस्त कर लिया। राहुल इन चुनावों में मोदी पर जहर की खेती करने का आरोप लगाया था। लेकिन जब-जब कांग्रेसी नेताओं ने पीएम मोदी पर सख्त शब्दों के साथ हमला किया हैं उनका दांव उल्टा ही पड़ा है। इन बयानों का ही असर था 2014 के चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत के साथ केंद्र में सरकार बनाई थी।

खून की दलाली पर घिरे थे राहुल
राहुल गांधी ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ने ऐसा बयान दिया था, जिससे पार्टी घिर गई थी। किसान यात्रा के समाप्त होने के बाद राहुल ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में हमारे जवानों ने अपना खून दिया है। उन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किए। उनके खून के पीछे आप छिपे हैं। उनकी आप दलाली कर रहे हो। ये गलत है।

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