तीन साल पहले विधवा हुई महिला ने दिया बच्चे को जन्म

लोहाघाट: विधवा महिला द्वारा लोहाघाट के अस्पताल में बच्चा जनने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मामले को लेकर पूरे दिन क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार बना रहा । इधर बिना कानूनी प्रक्रिया के डॉक्टर द्वारा बच्चे को गोद लेने पर हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने विरोध जताया। और एसडीएम से जांच करने की मांग की है।
शनिवार को बाराकोट विकासखंड के एक गांव की 35 वर्षीय एक विधवा महिला के पेट में दर्द हुआ। जिसके बाद वह लोहाघाट स्थित अस्पताल में पहुंच गई। जहां पर चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। विधवा द्वारा बच्चे को जन्म देने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पता चला है कि महिला के पति की मौत तीन साल पहले हो गई थी। लोक लाज के भय से महिला बच्चे को अस्पताल में छोड़कर चली गई। जिसके बाद महिला के बच्चे को अस्पताल के एक चिकित्सक ने गोद ले लिया। जिसपर हिंदू संगठनों से जुड़े लोग अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे को गोद लेने का विरोध किया। और एसडीएम आरसी गौतम को ज्ञापन सौंप मामले की पूरी जांच करने की मांग की।
प्रभारी सीएमएस ने डा. जुनैद कमर ने बताया की नवजात पूरी तरह स्वस्थ्य है, उसे अस्पताल में ही रखा गया है। महिला के पहले से ही पांच बच्चे हैं। इस मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक विवेक पुजारी, छात्र संघ अध्यक्ष राहुल ढेक, नीरज सगटा, राहुल जोशी, चंद्र किशोर बोहरा, दीपक देव आदि मौजूद रहे। लोहाघाट के एसडीएम आरसी गौतम ने बताया हिंदूवादी संगठनों की शिकायत पर जांच की जाएगी।

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