नाबालिक सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को 10 साल की सजा व 26 हजार का जुर्माना

हल्द्वानी: नाबालिक सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने आरोपी पिता को 10 साल कैद व 26 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि मां को भी 11 हजार रुपये का जुर्माना देने म हुक्म दिया है।
बिन्दुखत्ता निवासी हार्डिंग ठेकेदार हल्द्वानी के मल्ला गोरखपुर में किराए के मकान में रहता था। जिसने तलाकशुदा एक महिला से विवाह किया था। महिला की एक बेटी भी थी। विवाह के समय बालिका उसके मायके में रह रही थी लेकिन 2011 में वह उसे मायके से अपने पास ले आई। और शहर के एक निजी विद्यालय में उसका आठवीं में दाखिला करा दिया। जब उसकी बेटी कक्षा 9 में पढ़ रही थी तो महिला बेटी को सौतेले बाप के साथ छोड़कर दिल्ली चली गई। जिसके बाद नाबालिक के साथ उसके पिता ने कई बार दुष्कर्म कर दिया। वर्ष 2016 में नाबालिग ने अपनी दास्तान मकान मालिक के बेटे को सुनाई। शासकीय अधिवक्ता नवीन जोशी ने बताया कि कुछ समय बाद मकान मालकिन ने किशोरी को महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं से मिलवाया। जिसके बाद किशोरी ने 19 दिसंबर 2016 को कोतवाली में सौतेले पिता व मां के खिलाफ तहरीर दी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 14 गवाह न्यायालय में पेश किए गए।
मंगलवार को तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर पोस्को न्यायालय ने सौतेले पिता व मां को सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को निर्भया फंड से एक हजार रुपये मुआवजा दिलाने का आदेश भी दिया है। 

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