पर्वतीय क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा पिरूल प्रोजक्ट

लालकुआं: पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को पीरूल के माध्यम से रोजगार देने व जंगलों को आग से बचाने के लिए सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन ने अपनी बहुआयामी पिरूल प्रोजक्ट को धरातल में लाना शुरू कर दिया है। जिसके तहत प्रथम चरण में सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन ने वन विभाग के नैनीताल प्रभाग के डीएफओ बीजू लाल से भेंट कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
बतादें कि सेंचुरी पेपर मिल के सीईओ जेपी नारायण की पिछले दिनों सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात हुई। जिसमें मुख्यमंत्री ने पिरूल के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को रोजगार देने व जंगलों को आग से बचाने के अपने ड्रीम प्रोजक्ट के बारे में लंबी चर्चा हुई। साथ ही सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन से इस बहुआयामी प्रोजक्ट को मूर्त रूप देने को कहा। जिसपर मिल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजक्ट पर कार्य करते हुए पहले वर्ष 50 लाख रुपए का बजट पास किया है। इसी क्रम में गुरुवार को मिल के वरिष्ठ अधिकारी नरेश चंद्रा ने नैनीताल जाकर डीएफओ बीजू लाल से मुलाकात की। लंबी चर्चा के बाद एग्रीमेंट किया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में पिरूल एकत्र करने वाले ग्रामीणों को तीन रूपए प्रति किलो का भुगतान किया जाएगा। जिसमें से दो रुपए प्रति किलो सेंचुरी पेपर मिल व एक रुपए प्रति किलो वन विभाग द्वारा दिया जाएगा। मिल प्रबंधन व वन विभाग के बीच हुए एग्रीमेंट में मिल व वन विभाग के अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर दिए है। मिल प्रबंधन जल्द ही इस प्रोजक्ट को धरातल में उतारने की तैयार कर रहा है।

क्या है पिरूल प्रोजक्ट
लालकुआं: पिरूल प्रोजक्ट के तहत मिल प्रबंधन पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीणों से पिरूल खरीदकर मौके पर ही मशीन ले जाकर उसके ब्लाक बनाएगी। जिसके बाद उन ब्लाकों को मिल में लाकर उसका इस्तेमाल इधन के रूप में करेगी। मिल प्रबंधन पिरूल खरीदते समय ग्रामीणों को भुगतान तो करेगी जबकि इस प्रोजक्ट से फायदा होने वाली धनराशी को भी उन्ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य में लगा दिया जाएगा।

योजना एक फायदे अनेक
लालकुआं: बहुआयामी पिरूल प्रोजक्ट से जहां ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों को घर में ही रोजगार मिल जाएगा। वही इससे पलायन को रोकने में मदद भी मिलेगी। जबकि जंगलों में आग फैलने के प्रमुख कारण पिरूल की सफाई होने से जंगलों में आग की घटनाओं में भी विराम लगेगा। साथ ही जगलों में आग नही लगेगी तो जीव जंतु भी बचेंगे। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों की जमीन उपजाऊ भी होगी।

मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजक्ट (पिरूल प्रोजक्ट) का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को घर पर ही रोजगार देना व जंगलों को आग से बचाना है। योजना को प्रथम चरण में कुमाऊं के सभी जनपद में लागू किया जाएगा।  
   जेपी नारायण, सीईओ, सेंचुरी पेपर मिल

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