पुलिस कमांडों के साथ प्यार के कसीदे पढ़ रही थी पत्नी, पर विदेश से आया पति बना रोड़ा, फिर एक दिन हुई ये घटना

सीकर. पुलिस कमांडो प्रेमी के साथ पत्नी प्यार की पींगे बढ़ा रही थी। पर विदेश से आया पति उसमें रोड़ा बनने लगा। इस पर पत्नी ने प्रेमी पुलिस कमांडो के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। दोनों रात को खेत के कमरे में छिप गए और रात को पति के आते ही सरिये से हमला कर उसकी हत्या कर दी। फिर दोनों अपने- अपने घर लौट गए। मामले में चली सुनवाई के चार साल बाद आज यानि शुक्रवार के दिन कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। लोक अभियोजक मोहम्मद आरीफ ने बताया कि एडीजे कोर्ट संख्या चार ने बाजौर निवासी पन्नालाल जाट की हत्या के जुर्म में उसकी पत्नी हसीना व उसके पुलिस कमांडों प्रेमी को ये कारावास दिया है। जिसके साथ 9 हजार रुपये की जुर्माने की सजा भी सुनाई है।

पति के घर नहीं पहुंचने पर हंगामा किया, पुलिस जांच मे भी मदद की
पति की हत्या कर घर आने के बाद अगले दिन पत्नी ने पति के घर नहीं पहुंचने का जमकर ड्रामा किया। फिर खुद ने ही खेत में जाकर घबराहट का प्रदर्शन करते हुए देवर को फोन कर पति के लहूलुहान हालत में पड़े होने की जानकारी दी। जिसके बाद देवर ने उद्योग नगर थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज करवा दिया। जिसके बाद कोर्ट में उसी हत्यारिन पत्नी को गवाह बनाकर भी पेश कर दिया गया। पर बाद में जब जांच हुई तो एक सबूत ने पत्नी और उसके प्रेमी की पोल खोल दी।

तीन जगह से कटा सिर
मामला 18 दिसंबर 2018 का है। मृतक पन्ना लाल के चचेरे भाई सुरेश कुमार पुत्र फुलाराम ने उद्योग नगर थाने में रिपोर्ट देते हुए बताया कि 18 दिसंबर 2018 को उसका भाई खेत में मृत अवस्था में मिला। जो रात को खेत की रखवाली के लिए वहां जाता था। इस संबंध में उसे मृतक की पत्नी हसीना ने ही जानकारी दी थी। जिसके बाद उसने मौके पर पहुंचकर देखा तो वह मृत अवस्था में ही मिला। पुलिस की जांच में पन्नालाल के सिर पर धारदार हथियार से वार के निशान और सिर तीन जगह से कटा हुआ मिला। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में चालान पेश हुआ। जिसमें चार साल की सुनवाई के बाद मृतक की पत्नी व उसका प्रेमी दोषी निकले।

शादी से पहले के थे अफेयर, यूं पकड़ा गया मामला
आरोपी पत्नी हसीना के पुलिस कमांडो प्रेमी सतीश के साथ शादी पहले से संबंध थे। वह अपने सहेली की सिम लेकर उससे चोरी छिपे बात करती थी। पर हत्या से पहले दिन ही उसने वह सिम उसे वापस दे दी थी। घटना के बाद जब जांच अधिकारी सौरभ तिवाड़ी ने मामले की जांच की तो सतीश के बैंक खाते से हसीना के खाते में रुपये हस्तांतरित होना सामने आया। जिसके आधार पर ही कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।

हत्या के बाद ट्रेन से हुआ था फरार 
लोक अभियोजन मोहम्मद आरीफ ने बताया कि आरोपी सतीश पुत्र भगवानदास हरियाणा पुलिस में कमांडो पद पर कार्यरत था। जो हत्या के लिए हरियाणा से आया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह सुबह ही रींगस से रैवाड़ी की ट्रेन में बैठकर गांव भाग गया था।

 

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