मौत को दावत दे रहा है लालकुआं हल्द्वानी हाइवे

लालकुआं: काठगोदाम रुदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य आज तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा है। सड़क वनवे होने के साथ ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त भी है। परिणाम स्वरूप रोजाना दुर्घटना हो रही है। क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार मांग करने के बाद भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे है।
शनिवार की रात को ट्रक व कार की भिड़ंत में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ही गई। हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हादसे का त्वरित कारण जो भी रहा हो लेकिन क्षतिगस्त सड़क भी इसका एक बड़ा कारण है। अगर हाइवे की दोनों लेन खुली होती तो राहगीरों की जान बच सकती थी। रुद्रपुर से काठगोदाम के बीच हाईवे में सड़क चौड़ीकरण का कार्य पिछले तीन साल से चल रहा है। लेकिन सरकारी मशीनरी की लापरवाही के चलते अभी तक सड़क निर्माण का 40 फ़ीसदी कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। सड़क जगह जगह पर क्षतिग्रस्त हैं इसके अलावा वनवे होने के साथ ही सड़क पर बेतरतीब कट बनाए गए हैं। सड़क पर उड़ती धूल व बेतरतीब चलता यातायात राहगीरों के लिए आफत बन गया है। जिस कारण समय-समय पर सड़क दुर्घटना होती रहती हैं। लोगो ने सड़क को अतिशीघ्र दुरस्त करने की मांग की है।

पहले भी हो चुकी है दुर्घटनाएं
लालकुआ: राष्ट्रीय राजमार्ग में गुमटी वह लाखों के बीच दुर्घटनाओं के लिहाज से अति संवेदनशील है यहां पर समय-समय पर दुर्घटनाओं की सूचना आती रहती है। अक्टूबर 2012 में नगर के डिपो पांच के पास घोड़ाखाल मंदिर से आ रहे आल्टो कार सड़क पर खडे़ ट्रक में पीछे से जा घुसी। दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में फंसे शवों को क्रेन की मदद से बमुश्किल निकाला गया। इससे पहले भी बिक्रम के दुर्घटनाग्रस्त होने से लालकुआं के ही व्यापारी के एक ही परिवार आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी यहां पर समय समय दुर्घटनाओं की सूचना आते रहते हैं।

36 किमी की बीच नही मिलती आपातकालीन सेवा
लालकुआं। लालकुआं से 20 किमी रुदपुर व 16 किमी हल्द्वानी की ओर कोई भी ऐसा अस्पताल नही है जहां पर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा सके। जिसकारण हल्द्वानी व रुदपुर पहुचते पहुचते कई घायल दम तोड़ देते है। क्षेत्र वासियों ने क्षेत्र में आपात कालीन सुविधाएं देने की मांग की है।

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