राजस्व गांव के लिए विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी खड़ा करेंगे पूर्व सैनिक


लालकुआं। पूर्व सैनिक संगठन की बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने एवं बिंदुखत्ता क्षेत्र में सीएसडी कैंटीन खोलने के मामले में जबरदस्त चर्चा के बाद आंदोलन करने को लेकर लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के समस्त पूर्व सैनिकों से विचार विमर्श करने का निर्णय लिया गया।
बिंदुखता पूर्व सैनिकों की बैठक पुराना बिंदुखता में आयोजित की गई जिसमें बिंदुखत्ता क्षेत्र में सीएसडी कैंटीन खोलने को लेकर व्यापक चर्चा करते हुए पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भले ही हल्दूचौड़ या शांतिपुरी क्षेत्र में सीएसडी कैंटीन खोल दी जाए परंतु इस क्षेत्र में पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए सीएसडी कैंटीन का खोलना नितांत आवश्यक है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोषणा की थी कि शहीद स्मारक के समीप भव्य सैनिक जन मिलन केंद्र बनाया जाएगा परंतु मुख्यमंत्री ने अपने 4 साल के कार्यकाल में जन मिलन केंद्र का निर्माण नहीं किया जिससे पूर्व सैनिकों में असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए वर्तमान विधायक और राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था परंतु अब तक इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले समस्त पूर्व सैनिकों से संपर्क कर सब को सूचीबद्ध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पूरी विधानसभा में 5000 से अधिक पूर्व सैनिक परिवार रहते हैं जिसमें से पूर्व सैनिक संगठन ने अब तक 2306 पूर्व सैनिकों को चिन्हित करते हुए सूचीबद्ध कर दिया है। जल्द ही पूरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों की सूची बनाकर सभी से तालमेल करते हुए उक्त सभी विषयों पर आवश्यक रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक संगठन की उक्त तीनों मांगों पर अभिलंब कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू किया जायेगा। साथ ही सुनवाई न होने पर पूर्व सैनिक संगठन भी विधानसभा चुनाव में अपने संगठन से प्रत्याशी खड़ा करेगा। इस अवसर पर पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन दलवीर सिंह कपोला, एडवोकेट बलवंत सिंह बिष्ट, चंचल सिंह कोरंगा, प्रताप सिंह, प्रकाश मिश्रा, शेखर उपाध्याय, इंदर सिंह पनेरी, कुंदन सिंह, गोपाल नेगी, गोपाल कन्याल, दलीप सिंह मेहरा, ललित जोशी, गोविंद फुलारा, खड़क नाथ गोस्वामी, कुंदन सिंह रावत सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

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