रोजगार संकट- एक माह बाद बंद हो जाएगी गौला नदी

अब नौ हजार घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य ही


लालकुआं : गौला नदी से जुड़े हुए खनन कारोबारियों के लिए टेंशन भरी खबर है। केंद्रीय मृदा जल संरक्षण द्वारा दिए गए उप खनिज निकासी लक्ष्य पूरा होने पर इस बार दो महीने पहले ही गौला नदी बंद हो जाएगी।
गौला नदी की शीश महल से शांतिपुरी तक 11 उप खनिज निकासी गेटों पर करीब 7:30 हजार वाहन पंजीकृत हैं। जबकि यूपी बिहार व झारखंड के हजारों मजदूरों के रोटी रोजी का भी गौला नदी ही सहारा है। इसके अलावा दर्जनों स्टोन क्रेशर, ट्रांसपोर्टर, उनसे जुड़े वाहन स्वामी चालकों समेत प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोग गौला नदी से जुड़े है। इस बार केंद्रीय मृदा और जल संरक्षण विभाग द्वारा गौला नदी में सर्वे करने के बाद 32 लाख 97 हजार घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य दिया है। जिसमें से अभी तक करीब 24 लाख मीटर उप खनिज की निकासी की जा चुकी है। जिसके बाद अब मात्र नौ लाख घन मीटर अपनी चुगान ही बचा हुआ है। वर्तमान में रोजाना करीब 30 हजार घन मीटर उप खनिज की निकासी हो रही है। ऐसे में अब गौला नदी में मात्र 30 दिन का ही उप खनिज बचा है। यानी अप्रैल के शुरूआत में ही बंद हो जाएगी। जबकि गौला नदी में 31 जून तक चुगान हो सकता है। ऐसे में निर्धारित समय से दो माह पूर्व गौला नदी के बंद हो जाने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। खनन से जुड़े कारोबारियों ने दोबारा से सर्वे कराकर गौला नदी को अपने निर्धारित समय तक सुचारू रखने की मांग की है।

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