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उत्तराखंड में जल्द होगी 2600 से अधिक प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती, शिक्षा मंत्री ने दिये यह निर्देश

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देहरादून: प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर होने जा रही है. प्राथमिक शिक्षकों के 2,600 से ज्यादा पदों पर होने वाली भर्ती पर लगा स्टे अब उच्च न्यायलय की ओर से हटा दिया गया है. इसके बाद अब शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने शिक्षा सचिव को प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दे दिए हैं.

प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री अभिन्न पांडे का कहना है कि कोर्ट से स्टे हटने के बाद सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाये. उन्होंने उम्मीद जताई है कि सितम्बर के अंत तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा भी कर लिया जाएगा.

गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अब एनआइओएस से डीएलएड करने वालों को भी मौका मिल सकेगा. दरअसल, प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में देरी उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक भर्ती नियमावली और केंद्र सरकार के नियमों में अंतर होने की वजह से हुआ है. जिसकी वजह से इस पूरी भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लग गया था. जहां केंद्र सरकार सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए उन प्राईवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी योग्य मानती है जिन्होंने एनआइओएस से 18 माह का डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त किया है और टीईटी पास की है. वहीं, उत्तराखंड की नियमावली के अनुसार एनआइओएस से 18 माह का डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्राईवेट स्कूलों के शिक्षक सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं बन सकते.

ऐसे में इस पूरे प्रकरण पर राज्य सरकार ने ठोस पैरवी करते हुए कहा कि सरकार जल्द प्राथमिक शिक्षकों के पदों पर भर्ती करना चाहती है. जिससे छात्रों को शिक्षक मिले सकें. वहीं, बेरोजगार प्रशिक्षित युवाओं को सरकार रोजगार दे सकें. ऐसे में सरकार की इसी पैरवी के आधार पर कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती से स्टे हटा दिया है.

इस भर्ती पर अब आगे कोई विवाद न हो इसलिए शिक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार प्राथमिक भर्ती सेवा नियमावली और केंद्र सरकार के द्वारा बनाएं गए नियमों के अनुसार की शिक्षकों की भर्ती करेगी. जिससे यह साफ होता है कि केंद्र सरकार के नियमों के आधार पर एनआइओएस से 18 माह का डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले टीईटी पास निजी स्कूलों के प्राइमरी शिक्षक भी सरकारी प्राथमिक शिक्षक बन सकेंगे

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