ओझा अस्पताल के ICU में सांप का जहर उतारता रहा , देखते रहे डॉक्टर

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किसी हॉस्पिटल के आईसीयू में घुसकर यदि ओझा और भगत झाड़-फूंक करने लगें तो यही बात सामने समझ में आती है कि हॉस्पिटल को अपने उपचार से अधिक अंधविश्वास पर भरोसा है। जी हां, ऐसा ही नजारा देखने को मिला गुमला के सदर हॉस्पिटल में। यहां की आईसीयू में घंटों झाड़-फूंक का ड्रामा चलता रहा।

यह मामला बुधवार का है। सदर हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती सर्पदंश की शिकार रोगी का उपचार ओझा और भगत अपनी झाड़-फूंक से करते रहे। इस दौरान हॉस्पिटल प्रबंधन ने किसी भी तरह से उन्हें रोकने की प्रयास नहीं की।

सदर प्रखंड के आंबुआ के रहनेवाले शक्ति नायक की पत्नी अर्चना (25) को सांप ने डंस लिया था। शीघ्र में परिजनों ने अर्चना को सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां के डॉक्टरों ने उनकी हालत देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रिम्स रेफर कर दिया। लेकिन अर्चना के परिजन उन्हें शीघ्र रिम्स ले जाने के बजाय सदर हॉस्पिटल के आईसीयू में ओझा को बुलाकर झाड़-फूंक कराने में जुट गए। ओझा भी पूरे तामझाम के साथ पहुंचा और अगरबत्ती जलाने के बाद चावल से रोगी की पीठ पर थाली चिपकाकर सांप का विष उतारने की ड्रामा करता रहा। तकरीबन 2 से 3 घंटे ओझा की नौटंकी चली। झाड़-फूंक का यह नजारा वहां भर्ती अन्य रोगी देखते रहे।

फिलहाल सर्पदंश की शिकार अर्चना की स्थिति गंभीर बनी हुई। बावजूद उनके परिजन उन्हें रिम्स ले जाने के बजाय झाड़-फूंक पर ध्यान दे रहे हैं। बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब गुमला सदर हॉस्पिटल में इस तरह का तमाशा हुआ हो। 3 दिन पहले भी एक पुरुष को सर्पदंश के बाद लाया गया था। तब भी हॉस्पिटल परिसर में ओझा बुलाकर झाड़-फूंक कराया गया था। हॉस्पिटल परिसर में लगातार हो रहे इस तरह के मामलों पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने खामोशी साध रखी है। हालांकि चिकित्सक ये जरूर कहते हैं कि जब भी सांप काटे किसी को भी तुरंत हॉस्पिटल लाना चाहिए।

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