जानें सेहतमंद सब्जी परवल को मौत से क्यों जोड़ा जाता है, कैसा है ये कनेक्शन

खबर शेयर करें -

गर्मी के मौसम में बाजार में परवल अपनी रौनक बनाए हुए है. हालांकि इसे खाना ज्यादा लोगों को पसंद नहीं होता. इसका सबसे बड़ा कारण है इसके अंदर के बीज. लेकिन आपको बता दें कि गर्मियों में परवल खाने से पेट ठंडा रहता है. परवल एक ऐसी सब्जी है जो बाहर की तपती गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करती है. साथ ही ये पेट की परेशानियों को भी दूर रखती है. परवल खाने से न सिर्फ कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है बल्कि यह पेट में गैस भी नहीं बनने देती. लेकिन फिर भी परवल का नाम मौत से जोड़ा जाता है. दरअसल बंगाली में एक कहावत है- पोटोल तोला. इसका अर्थ है- स्वर्गवास होना या मौत होना. अब भला इतनी सेहतमंद सब्जी का कनेक्शन मौत के साथ कैसे हो सकता है. परवल खाना और मौत होना दो अलग अलग क्रियाएं हैं लेकिन इन दो अलग क्रियाओं के लिए एक ही शब्द का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं इसके पीछे का कारण.

यह भी पढ़ें 👉  फूलदेई 2026: 15 मार्च को खिलेगी खुशियों की क्यारी; जानें क्या है इस 'लोक पर्व' का महत्व और परंपरा

परवल के गुण
सब्जी मंडी में गर्मियों के दिनों में आपको हर जगह परवल दिखाई देगा. यह शर्करा, विटामिन ए और सी से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, कॉपर, पोटेशियम, सल्फर और थोड़ी मात्रा में क्लोरीन भी मौजूद होता है. परवल खाने से पाचन क्रिया मजबूत होती है. यह सर्दी-खांसी और बुखार में भी आराम देता है. यही नहीं परवल हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करता है, हैजा और कीड़े के काटने पर होने वाले घाव को जल्दी ठीक करता है. ये गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. ये पेट की गड़बड़ी को सुधारने में भी मदद करता है.

शब्दकोष के अनुसार ऐसा होता है परवल
इसमें विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2, विटामिन सी, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है. आयुर्वेद में इसका उपयोग गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है. अब आप ही बताइए इतने उपयोगी परवल को कोई भला मौत से कैसे जोड़ सकता है. बंगाली घरों में पोटोल भाजा यानी फ्राइड परवल, पोटोलेर दोरमा, पोटोलेर कीमा, आलू पोटोल, दोई पोटोल यानी दही परवल, सोरसे पोटोल, ये सारी टेस्टी रेसिपीज तैयार की जाती हैं. इन लाजवाब व्यंजनों को चखने के बाद कोई भला कैसे मर सकता है. बंगाल में परवल काफी स्वादिष्ट होता है, लेकिन शब्दकोष के अनुसार परवल का अर्थ मौत है. इंग्लिश में परवल का अर्थ Die, Kick the bucket, Croak आता है जिसका मतलब मौत होता है.

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मौसम अपडेट: देहरादून में नमी और धुंध का डेरा; चार पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार

परवल और मौत का कनेक्शन
दरअसल परवल के पौधे से सब सारे परवल तोड़ लिए जाते हैं तो वह पौधा अपने आप सूख कर मर जाता है. इसलिए बंगाली में कहावत है कि पोटोल तोला यानी मर जाना. दूसरी ओर बांग्ला में आंखों को अक्खीपोटोल कहा जाता है. जब किसी की मौत होती है तो उसकी आंखे ऊपर की तरफ उलट जाती हैं जो बिल्कुल परवल की तरह दिखने में लगती है. इसलिए कहावत में पोटोल तोला यानी मरना कहा गया है. वहीं कई लोगों का मानना है कि मृत व्यक्ति का पट या परिधान (कपड़े) अच्छे से संभालकार रख देने चाहिए. इस पट या परिधान से ही बाद में पोटोल तोला कहावत का आविष्कार हुआ है.