ट्विन टॉवर बनाने वाली कंपनी सुपरटेक ब‍िल्‍डर्स के माल‍िक ने टॉवर ग‍िरने के बाद बयां किया अपना दर्द

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28 अगस्‍त यानी रव‍िवार का द‍िन इत‍िहास के पन्‍नों में दर्ज हो गया. नोएडा के सेक्‍टर 93-A स्‍थ‍ित ट्विन टॉवर्स को व‍िस्‍फोटक से चंद सेकेंड में जमींदोज हो गई. सैकड़ों करोड़ की लागत से तैयार हुए ट्विन टॉवर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ग‍िराया गया. टॉवर्स को बनाने वाली कंपनी सुपरटेक ब‍िल्‍डर्स  के माल‍िक आरके अरोड़ा ने टॉवर ग‍िरने के बाद अपना दर्द बयां क‍िया है. आरके अरोड़ा ने कहा ट्विन टॉवर को गिराए जाने से कंपनी को करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

..सोच‍िए द‍िल पर क्‍या बीतेगी
एक समाचार चैनल से बात करते हुए आरके अरोड़ा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा क‍ि मेरे ल‍िए यह बेहद दर्द भरा लम्‍हा था. अरोड़ा ने कहा हमने साल 2009 में इसे बनाना शुरू क‍िया था और बड़ी मेहनत से इसे तैयार क‍िया था. ब‍िल्‍ड‍िंग ग‍िरने से पहले वाली शन‍िवार को पूरी रात मैं सो नहीं पाया… वह भावुक होते हुए कहते हैं ज‍िसे आपने बनाया हो, उसे अपने खर्च पर ग‍िराना पड़े तो सोच‍िए द‍िल पर क्‍या बीतेगी?

500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
अरोड़ा ने बातचीत के दौरान बताया क‍ि इमारत को ढहाए जाने से उसके निर्माण पर आई लागत व कर्ज पर देय ब्याज के रूप में कंपनी को 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है. सुप्रीम कोर्ट ने मानकों का उल्लंघन कर इस 100 मीटर ऊंची आवासीय इमारत के निर्माण को गैरकानूनी बताते हुए इसे गिराए जाने का आदेश दिया था. हालांक‍ि सुपरटेक चेयरमैन ने कहा क‍ि इमारत को बनाते समय सभी प्रकार के अप्रूवल ल‍िए गए थे. हमने खुद इस ब‍िल्‍ड‍िंग को बनाया और ग‍िराने का खर्च भी खुद ही द‍िया.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए रविवार दोपहर 2.30 बजे ट्विन टॉवर को व‍िस्‍फोटक लगाकर कुछ सेकेंड में ग‍िरा द‍िए गए. अरोड़ा ने कहा, हमें इन टावर में फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों को भी 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देना पड़ा है. इन टावर में बने 900 से अधिक फ्लैट की मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से कीमत करीब 700 करोड़ रुपये थी.

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