ठसाठस भरी थीं सवारियां, एडीसीपी ने बस रोकी तो कंडक्टर मोबाइल थमाकर बोला – लो कर लो बात
बीसीएलएल कंपनी द्वारा संचालित नगर बस सेवा के चालक-परिचालकों का यात्रियों के प्रति व्यवहार कैसा रहता होगा, इसका नमूना शनिवार रात रोशनपुरा चौराहे पर सामने आया। एक लो फ्लोर बस में क्षमता से अधिक सवारियां भरी होने पर एडीसीपी ट्रैफिक ने उस बस को रुकवाया। बस को एक दिव्यांग चालक चला रहा था। पुलिस जब कारवाई करने लगी तो परिचालक तैश में आगे बढ़कर एडीसीपी को मोबाइल थमाकर किसी से बात करने के लिए कहने लगा। एडीसीपी ने बस की सवारियों को दूसरे साधन से गंतव्य तक जाने की व्यवस्था करते हुए बस का चालान बना दिया।
त्योहार का समय होने के कारण शाम ढलने के बाद शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का काफी दबाव बढ़ जाता है। शनिवार शाम को एडीसीपी ट्रैफिक संदीप दीक्षित यातायात व्यवस्था देखते हुए जवाहर चौक से रोशनपुरा की तरफ जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने रंगमहल चौराहे पर यात्रियों से ठसाठस भरी को बेतरतीब ढंग से खड़े देखा। उसकी वजह से जाम की स्थिति भी बन रही थी। ट्रैफिक के अधिकारी का वाहन देखकर चालक बस को तेज रफ्तार से लेकर रोशनपुरा की तरफ भागा। पुलिस ने पीछा कर बस को रोशनपुरा चौराहे पर रोक लिया।

जांच में पता चला कि 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में 70 सवारियां मौजूद थीं। उन्होंने जब चालक को बस से उतरने को बोला तो वह लंगड़ाकर चल रहा था। पता चला कि वह एक पैर से दिव्यांग है। पुलिस ने बस की सवारियों को उतारने के बाद परिचालक से उनके किराए के पैसे वापस करने को बोला। इस पर परिचालक भड़कने लगा और किसी को फोन लगाने के बाद एडीसीपी दीक्षित को मोबाइल फोन थमाते हुए बोला कि लो बात कर लो। उन्होंने फटकार लगाते हुए बस को जब्त करते हुए चालानी कारवाई कर दी। एडीसीपी ने बताया कि शहर में दिव्यांग चालक द्वारा बस चलाने का काम काफी जोखिम भरा है। बस में क्षमता से अधिक सवारियां भी मिलीं। जिसके चलते चालानी कारवाई कर मामला कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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