देहरादून: राजधानी के नये कप्तान जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी की दरोगा, इंस्पेक्टरों की तबादला सूची विवादों में आ घिरी है. सबसे बड़ा विवाद 14(1) की विभागीय कार्रवाई यानि बर्खास्तगी की जांच झेल रहे इंस्पेक्टर महेश जोशी की जांच आनन-फानन में खत्म कराकर उन्हें पोस्टिंग पर ऋषिकेश भेजने पर उठा है. अंडर ट्रांसफर दरोगा भुवन पुजारी को थाना प्रभारी रायवाला बनाकर भेजा गया है.

दरोगाओं के तबादले पर लगी रोक इससे पहले हट चुकी थी और पुजारी अंडर ट्रांसफर थे. वहीं अंडर ट्रांसफर चल रहे दरोगा बिष्ट को प्रभारी थाना प्रेमनगर से नहीं हटाया गया है. इन्हें भी रिलीव किया जाना था. इससे सीधे-सीधे पुलिस मुख्यालय की पारदर्शी तबादला नीति का उल्लंघन हुआ है.
वहीं दून में तैनात दरोगाओं में एक नकारात्मक संदेश भी गया है. थाना प्रभारी राजपुर को हटाने के पीछे भी कोई ठोस वजह नहीं सामने आ सकी है. मामले का सीधे-सीधे डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग ने संज्ञान लेते हुये सभी अंडर ट्रांसफर दरोगाओं को रिलीव करने के आदेश दिये हैं. वहीं कोतवाल ऋषिकेश महेश जोशी की चल रही जांच व मिली क्लीन चिट पर रिपोर्ट तलब की है.
डीआईजी नीरू गर्ग ने बताया कि हमारे ऑफिस को जानकारी है कि एक थानाध्यक्ष की नियुक्ति हुई है. उस पर 14(1)की कार्रवाई चल रही थी. इसका निस्तारण कब हुआ है, इसकी जानकारी मांगी जाएगी.