उत्तराखंड में मानसून की आफत: कुमाऊं में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, देहरादून समेत 9 जिलों में भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’

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देहरादून/नैनीताल। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश आफत बनी हुई है। बुधवार को प्रदेश भर में बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बौछारों के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। कुमाऊं मंडल के जिलों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां नैनीताल में बीते 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मूसलाधार बारिश के चलते नदियां-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में जलभराव व बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
9 जिलों में ‘यलो अलर्ट’, तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सहित 9 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
थल-पिथौरागढ़ मार्ग भूस्खलन से ठप: शहीद जवान का पार्थिव शरीर ले जा रहा वाहन फंसा
लगातार हो रही बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में थल-पिथौरागढ़ मार्ग ऋणबिच्छूल के समीप पहाड़ी से भारी मलबा आने के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। मार्ग बाधित होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। इस दौरान झारखंड में शहीद हुए भारतीय सेना के एक जवान के पार्थिव शरीर को ले जा रहा वाहन भी रास्ते में फंस गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर मलबा हटाकर मार्ग को सुचारू करने का कार्य किया जा रहा है।
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