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नैनीताल : अब कटखने स्ट्रीट डॉग से लोगों को मिलेगी निजात, जानें नगरपालिका का प्लान

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नैनीताल. नैनीताल शहर में आवारा कुत्ते तेजी से बढ़ रहे हैं. नगर के कई वार्डों से इन कुत्तों के इंसानों पर हमले की शिकायतें भी नगर पालिका के पास आई हैं. इसको देखते हुए नैनीताल नगर में नगरपालिका की तरफ से अलग-अलग वार्ड में जाकर इन खतरनाक कुत्तों को चिन्हित किया जा रहा है. ज्यादा खूंखार या एग्रेसिव डॉग्स को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा. और कुछ समय बाद देखा जाएगा कि क्या इन कुत्तों को वापस से शहर में छोड़ना है या नहीं.

नगरपलिका के अध्यक्ष सचिन नेगी ने बताया कि नगरवसियों की शिकायत आ रही थी कि जगह जगह कुत्ते काफी ज्यादा संख्या में हों गए हैं. ज्यादातर कई इलाकों में कुत्तों द्वारा छोटे बच्चों को काटने के बारे में भी बताया गया था, जिसको देखते हुए नगर में सर्वे अभियान चलाया जा रहा है. सर्वे में उन कटखने कुत्तों को चिन्हित कर उनके फोटोज भी लिए जा रहे हैं. इन सब में लोकल स्तर पर लोगों की मदद ली जा रही है. जो भी कुत्ते ज्यादा खतरनाक हैं या अक्सर लोगों को काट रहे हैं उन्हें चिन्हित कर वहां से उठा कर मल्लीताल अंडा मार्केट के नजदीक स्थित शेल्टर होम में रखा जाएगा. जहां उसका बिहेवियर पैटर्न जानवरों के डॉक्टर्स द्वारा ओबजर्व किया जाएगा.

पशु चिकित्साधिकारी डॉ हेमा राठौर ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि रास्ते में चलने वाले लोग ही इन स्ट्रीट डॉग्स को टीज करते हैं जिस वजह से कुत्ते भी इनको काटने के लिए दौड़ते हैं. ऐसे में उन्हें पकड़र शेल्टर होम में नहीं रखा जा सकता है. हालांकि अगर ऐसा कोई कुत्ते जो ज्यादा खतरनाक हैं या बेवजह इंसानों पर हमला कर रहे हैं तो इन्हें शेल्टर होम में कम से कम 15 दिन तक तो रखा ही जाएगा. लेकिन कई बार इन्हें 1 महीना या उससे भी ज्यादा रखना पड़ जाता है.

बता दें कि बीते साल 2021 में शहर में आवारा कुत्तों द्वारा काटे जाने के करीब 1400 मामले सामने आए थे. वहीं इस साल जनवरी से जुलाई के महीने तक लगभग 950 मामले आए हैं.

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