बेटे का शव सीने से लगा एएसपी के पास पहुंचा सिपाही, कहा-छुट्टी मिलती तो शायद न जाती जान

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इटावा में एक सिपाही के 5 वर्षीय मासूम बच्‍चे की गड्ढे में डूबकर मौत हो गई. सिपाही मासूम बच्‍चे का शव लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गया. वहां सिपाही ने उच्‍च अधिकारियों पर छुट्टी न देने का आरोप लगाया. आरोप है कि बीमार पत्‍नी का इलाज और बच्‍चे की देखभाल के लिए वह छुट्टी मांग रहा था, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली, सिपाही का कहना है कि अगर उसे छुट्टी मिली होती तो यह दर्दनाक घटना न होती.

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15 दिनों से बीमार पड़ी थी पत्‍नी 

दरअसल, मथुरा के रहने वाले सोनू चौधरी की पुलिस लाइन में तैनाती है. एकता कॉलोनी में वह किराए पर पत्‍नी और बच्‍चे के साथ रहता है. सोनू ने बताया कि उनकी पत्नी कविता करीब 15 दिनों से बीमार चल रही थी. पत्नी और 5 साल के बेटे हर्षित उर्फ गोलू की देखभाल के लिए सोनू छुट्टी मांग रहा था.

छुट्टी मिलती तो बच जाती बच्‍चे की जान 

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सोनू ने बताया कि छुट्टी के लिए उसने एसपी सिटी को 7 जनवरी को प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई. बुधवार सुबह खेलते समय बेटा हर्षित घर के बगल में स्थित पानी भरे गड्ढे में गिर गया. थोड़ी देर बाद जब तलाश शुरू हुई तो हर्षित गड्ढे में मिला. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.

शव लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा 

इसके बाद सोनू मासूम बच्‍चे का शव लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गया. यहां आरोप लगाया कि उसे यदि छुट्टी मिल जाती तो यह हादसा न होता. इस दौरान बड़ी संख्‍या में लोग मौजूद था. हालांकि, पुलिस अफसरों ने समझाकर उसे घर भेजा