मेरी दुनिया तेरे पापा थे, बेटा खुश रहना, मैं जा रही हूं… मैसेज लिख करवा चौथ के एक दिन पहले किया सुसाइड
अपने 3 साल के बेटे को भवनात्मक मैसेज लिखकर एक मां ने सुसाइड कर लिया, वह घुट घुट कर जी रही थी,अगस्त में उसके पति और 5 महीने के एक बेटे की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। 27 साल की ज्योति पंवार 2 महीने से घुट-घुट कर जी रही थी। अपने बेटे से छिपकर घर के कोने में सिसकती थी।

थोड़ा-बहुत मुस्कुराती भी थी, तो बेटे को देखकर…। उसने मंगलवार को जहर खाकर जान दे दी। सुसाइड से पहले बेटे और परिवार के नाम लंबा वॉट्सएप मैसेज दोस्तों को भेजा…। अपने फेसबुक अकाउंट पर भी इसे शेयर किया।



एग्जाम दिलवाकर वापस आते वक़्त हुआ दुर्घटना:
13 अगस्त 2022। सेंधमाल की रहने वाली ज्योति, पति गजानन पंवार (34) के साथ बाइक से खंडवा आई थी। यहां एक प्राइवेट कॉलेज में उसका BA फाइनल का एग्जाम था। साथ में 3 साल और 5 महीने के दोनों बेटे भी थे। एग्जाम खत्म के बाद इसी शाम परिवार बाइक से सेंधमाल लौट रहा था। पिपलोद इलाके में खंडवा-बुरहानपुर रोड पर सेंधमाल पड़ता है। कुछ किलोमीटर की दूर ही उनका गांव था। रास्ते में एक पिकअप वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक दूर जा गिरी। परिवार के सभी सदस्य भी इधर-उधर गिरे। गजानन और 5 महीने के हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई। यह सब ज्योति की आंखों के सामने हुआ, इसके बाद बेहोश हो गई। जब राहगीर घटनास्थल पहुंचे तो बड़ा बेटा वहां बैठा रो रहा था। गंभीर रूप से घायल ज्योति का इलाज पहले खंडवा, फिर इंदौर में चला था। अस्पताल में भी जब भी वह होश में आती, छोटे बेटे हिमांशु का नाम लेती , पति को पुकारती… फिर होश खो बैठती थी।
इकलौती संतान थी ज्योति, नाती का ख्याल रखेंगे:
ज्योति के पिता शंकर राठौड़ ने बताया कि ज्योति उनकी इकलौती संतान थी। उसे खूब पढ़ाया-लिखाया। शादी को 4 साल ही हुए थे। ईश्वर ने उस पर दुखों का पहाड़ लाद दिया। ये दुख वह झेल नहीं सकी। अब हम उसकी इच्छा अनुसार नाती को अपने साथ घर लेकर जा रहे हैं। उसका भी अच्छे से ख्याल रखेंगे।

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