हिमालय प्रहरी

रंग-बिरंगी राखियों से सजा लालकुआं वह बिन्दुखत्ता बाजार, बहने खरीदारी में जुटी

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भाई-बहन के अटूट रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन 11 अगस्त को मनाया जाएगा। बाजारों में इसकी रौनक अभी से दिखने लगी है। रंग-बिरंगी राखियों से बाजार सजने लगा है। शहर के नैनीताल रोड बाजार, गोला रोड बाजार, कार रोड मार्केट, घोड़ा नाला 2 किलोमीटर बाजार ,आदि प्रमुख बाजारों में राखी के स्टाल बहनों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। राखियों की खरीददारी भी शुरू हो गई है। कारोबारियों की मानें तो अभी वे बहनें राखी खरीद रही हैं, जिनके भाई उनके पास नहीं रहते। उन्हें राखी भेजनी होती है। जैसे-जैसे रक्षाबंधन नजदीक आएगा, राखी की दुकानों पर भीड़ बढ़ती जाएगी।

एक से बढ़कर एक राखी बाजार में उपलब्ध हैं। युवा और बच्चों को राखी लुभा रही हैं। महिलाओं के लिए भी आकर्षक राखी आई हैं। त्योहार पर महंगी राखियों की मांग भी है। इनमें चंदन, तुलसी, चांदी, मोतियों की राखी शामिल है। रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त को मनाया जाएगा, छह दिन शेष रह गए है। जिसके चलते राखियों का बाजार अभी से सजने लगा है।

बाजार में 10 रुपये से लेकर 600 रुपये तक की राखी बिक रही है। लुधियाना कॉन्प्लेक्स के राखी कारोबारी रेहान व बिलाल के अनुसार अभी नया माल आना बाकी है। आज या कल में वह बाजार में आ जाएंगी ,कई नए डिजाइन की राखी बाजार में उतरेंगी। एक हजार रुपये तक की राखी मिलने की संभावना है। बच्चों को केंद्रित कर इस बार बाजार में रबड़ से बने कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां उतारी गई हैं। इसकी कीमत 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की है। इसमें रबड़ का मोटू-पतलू, छोटा भीम, छुटकी, लिटिल सिंघम, बेनटेन आदि कार्टून कैरेक्टर बने हैं। बच्चों के लिए इस राखी को पसंद किया जा रहा है।

मोती, चंदन और स्टोन वाली राखी की मांग

युवतियां और महिलाएं अपने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए मोती, चंदन और स्टोन वाली राखी पसंद कर रही हैं। थोड़ी महंगी होने के बावजूद ये राखियां अन्य राखियों की अपेक्षा ज्यादा बिक रही हैं। इसकी कीमत 60 रुपये से शुरू हो रही है।

शहर के बाजार इस साल स्वदेशी राखियों से गुलजार हैं। बाजार में इस साल चीनी राखियां नहीं आई हैं। इस बार बाजार में सिर्फ भारत में बनी राखियां बेची जा रही हैं। बाजार में मांग और फैशन के साथ राखियों का ट्रेंड भी बदलता रहा है। किसी समय स्पंज से बनी राखियों की मांग सबसे ज्यादा होती थी। अब ये राखियां बाजार से गायब हो गई हैं, हालांकि सबसे ज्यादा डिमांड सिंपल राखियों की ही रही है। सुंदर और रंगबिरंगी रेशम के धागों के साथ गुंथी राखियों को अब भी खूब पसंद किया जा रहा।

हालांकि बीते दो वर्षों में लोगों का ज्यादातर रुझान ऑनलाइन राखी खरीदने की तरफ ज्यादा बढ़ गया है, जिस वजह से काम मैं थोड़ी कमी देखी जा सकती है वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बारिश ने भी व्यापारियों के चेहरे पर थोड़ी सीकन ला दी है।

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