रूस ने यूक्रेन को तबाह किया, जानिए आगे क्या होने वाला है
यूक्रेन पर रूस के अटैक की खबर ने गुरुवार सुबह भारत सहित कई एशियाई देशों के लोगों को दहला दिया। यूक्रेन के निर्दोष नागरिकों पर हवाई हमले की तस्वीरें विचलित करने वाली थीं। इस हमले के बाद अब न सिर्फ यूक्रेन और पूर्वी यूरोप बल्कि अमेरिका और दूसरे देशों के लोगों के मन में यह सवाल है कि आगे क्या होगा?

शुरू होगा नया रेफ्यूजी क्राइसिस
इस हमले में यूक्रेन के कम से कम 40 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। दोनों देशों के बीच कनफ्लिक्ट में अब तक हजारों लोग जान गंवा चुके हैं। अब रूस पर अमेरिका और पश्चिमी देश तरह-तरह के प्रतिबंध लगा रहे हैं। इसका असर सिर्फ रूस पर नहीं पड़ेगा बल्कि दुनियाभर के लोगों का जीवन इससे प्रभावित होगा। रूस के साइबर हमलों से इलेक्ट्रॉनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। एक नया रेफ्यूजी क्राइसिस जन्म लेगा, जिसके समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की जरूरत पड़ेगी। सबसे बड़ी बात यह कि द्वितीय विश्वयुद्ध से कमोबेश शांति के माहौल को बड़ी चुनौती पेश आई है।
रूस पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा नाटो
नाटो ने गुरुवार को कहा कि वह पूर्वी यूरोप में और सैनिकों को भेज रहा है। अमेरिका पहले ही पूर्वी यूरोप और बालटिक्स में 6500 सैनिक भेज चुका है। नाटो ने कहा, “हम अलायंस के पूर्वी हिस्से में अतिरिक्त आर्मी और एयर फोर्सेज की तैनाती कर रहे हैं। इसके अलावा नेवी की मौजूदगी भी बढ़ाई जाएगी। हमने हर तरह की इमर्जेंसी के लिए फोर्सेज के लेवल पर अपनी तैयारी बढ़ा दी है।”
पेंटागन पूर्वी यूरोप में 1000 ट्रूप्स की तैनाती कर रहा है। करीब 800 अमेरिकी ट्रूप्स इटली से बालटिक्स जा रहे हैं। 20 अपाचे हेलीकॉप्टर्स जर्मनी से बालटिक्स पहुंच रहे हैं। 12 अपाचे हेलीकॉप्टर्स ग्रीस से पोलेंड जा रहे हैं। 8 F-35 स्ट्राइक फाइटर्स जर्मनी से लिथुवानिया, एस्टोनिया और रोमानिया पहुंच रहे हैं। यह जानकारी पेंटागन ने दी है।
पूर्वी यूरोप बन रहीं इमर्जेंसी फैसिलिटीज
आर्मी के प्रवक्ता ने बताया कि 82वें और 101वें यूएस एयरबोर्न डिवीजन सहित यूएस ट्रूप्स यूक्रेन से लगी पोलेंड की सीमा के करीब पहुंच रहे हैं। ये यूक्रेन छोड़ने वाले लोगों की मदद करेंगे। पोलेंड में जासिओंका में इनडोर एरिना में बंक बेड्स बनाए गए हैं। इनमें करीब 500 लोगों के लिए जरूरी चीजों की सप्लाई के इतंजाम किए गए हैं। अमेरिका अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या तुरंत बढ़ाई जा सकती है।
ऑस्ट्रिया के चांसलर नेहैमर ने कहा है कि वह शरणार्थियों को अपने यहां शरण देने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिलीफ ऑर्गेनाइजेशंस की हेल्प कर रहे हैं। वे हमलों से बचने वाले लोगों को फूड, वाटर, शेल्टर और इमर्जेंसी हेल्थ केयर मुहैया करा रहे हैं।
CIA भी अपनी ताकत झोंकने को तैयार
आने वाले दिनों में CIA इस बात का अंदाजा लगाएगी कि वह यूक्रेन को किस तरह की मदद उपलब्ध करा सकती है। अगर यूक्रेन के उन हिस्सों में लोग रूसी कब्जे का विरोध करते हैं तो वह उन लोगों को हथियार सहित दूसरी जरूरी चीजें उपलब्ध करा सकती है। सीआईए के एक अधिकारी ने कहा, “हम हमलों का विरोध करने वाले यूक्रेन के नागरिकों की मदद करना चाहते हैं। पिछले 20 साल से विद्रोहियों से निपटने के हमारे अनुभव और व्यापक ज्ञान का हम तुरंत इस्तेमाल करेंगे।”

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