शिक्षकों ने स्कूल के बाहर बच्चा चोरों के घूमने की बात कहकर बच्चों को डराया, तो जवाब में बच्चों ने रची अपहरण की पटकथा पुलिस भी पड़ी हैरत में

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रेली के भोजीपुरा में बच्चे स्कूल छोड़कर न भागें, शिक्षकों ने इसके लिए उन्हें स्कूल के बाहर बच्चा चोरों के घूमने की बात कहकर डराया और भूल गए। मगर इसके जवाब में बच्चों ने अपने अपहरण की कोशिश किए जाने का ऐसा शगूफा छोड़ा कि प्रधानाध्यापक के साथ पुलिस के भी होश उड़ गए।

भारी पुलिस फोर्स लेकर गांव पहुंचे सीओ ने घंटों छानबीन की, तब पता चला कि दिमाग में बैठे डर की वजह से बच्चों ने फर्जी कहानी गढ़ डाली थी।
नैनीताल हाईवे के किनारे अभयपुर गांव में बेसिक शिक्षा परिषद के इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल में अभयपुर की ही तीन सगी बहनें आठ वर्षीय अनम, सात वर्षीय साबिया और छह वर्षीय आदिया पढ़ती हैं। तीनों दूसरी कक्षा की छात्र हैं। बुधवार को सुबह करीब सात बजे तीनों बहनें एक साथ स्कूल पहुंची। कुछ ही देर बाद अनम ने कक्षा में रोना शुरू कर दिया। प्रधानाध्यापक मधुरेश दीक्षित ने रोने की वजह पूछी तो अनम ने तीनों बहनों के अपहरण की कहानी सुना डाली।

अनम ने प्रधानाध्यापक को बताया कि सुबह सात बजे जब वह अपनी बहन साबिया और आदिया के साथ स्कूल आ रही थी तभी नैनीताल हाईवे पर एक वैन उनके पास आकर रुकी जिसमें पहले से स्कूल ड्रेस पहने हुए पांच बच्चे बैठे थे। वैन से उतरे तीन लोगों ने उन्हें भी जबरन वैन में बैठाने की कोशिश की। इस बीच वहां पहुंचे गांव के एक डॉक्टर ने उन्हें बचाया। यही कहानी कक्षा चार में पढ़ने वाले तारीफ ने भी सुनाई। उसने बताया कि काले रंग की वैन में स्कूल ड्रेस पहने चार बच्चे बैठे थे। जिन बदमाशों ने उन्हें वैन में बैठाने की कोशिश की, वे काले कपड़े पहने हुए थे। उसके परिवार की तफशूरन ने उन्हें पत्थर फेंककर मारे तो तीनों वैन में बैठकर भाग गए।

प्रधानाध्यापक मधुरेश दीक्षित की सूचना पर कुछ ही देर में पीआरवी और पुलिस फोर्स के साथ सीओ नवाबगंज चमन सिंह चावड़ा स्कूल पहुंच गए। उन्होंने तफशूरन को बुलाकर पूछताछ की उन्होंने बताया कि वह तो आज तारीफ को स्कूल छोड़ने ही नहीं गई थीं। पुलिस ने इसके बाद डॉक्टर से पूछताछ की तो उन्होंने भी ऐसी कोई घटना होने से इनकार किया। इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार ने इसके बाद फिर बच्चों से पूछताछ की। आखिरकार पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि प्रधानाध्यापक के कुछ दिन पहले बच्चों को स्कूल के बाहर बच्चा चोरों के घूमने की बात कहकर डराया था। कहा था कि स्कूल की छुट्टी से पहले घर गए तो चोर उठा ले जाएंगे। डरे हुए मासूम बच्चों ने इसी वजह से फर्जी कहानी गढ़ डाली।

बच्चों के बयानों में काफी विविधता मिली। पूछताछ के बाद पता चला कि वे अफवाह की वजह से डर गए थे।

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