सर्दियों में लकवे का खतरा! रात 3 बजे से 6 बजे तक स्ट्रोक आने का सबसे ज्यादा डर
सर्दियां अपने साथ कई बीमारियों की सौगात साथ लेकर आती हैं. कई बीमारियों का खतरा सर्दियों में बढ़ जाता है. गर्मियों की तुलना में सर्दियों में लकवा (paralysis) का खतरा काफी बढ़ जाता है.
रात 3 बजे से 6 बजे तक स्ट्रोक आने का सबसे ज्यादा डर रहता है. ऐसे में समय रहते इसके लक्षण पहचानकर इसका समय रहते उपचार करना ही एक मात्र उपाय है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक ठंड में बर्फीली हवाओं के चलते तापमान काफी कम हो जाता है. ऐसे में हमारे शरीर की धमनियां सिकुड़ने लगती हैं. इससे न केवल ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, बल्कि लकवा मारने का खतरा भी बढ़ जाता है. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
लकवा के लक्षण (Symptoms of Paralysis)
- शरीर के एक हिस्सा स्तब्ध हो जाना
- शरीर में कमजोरी
- बोलने में परेशानी
- व्यवहार में परिवर्तन चेहरे का टेड़ा होना
- लोगों की बातों को समझने में परेशानी
- आंखों से देखने में परेशानी
- किसी अज्ञात कारणों से दर्द बैचेनी होना
लकवा के कारण (Causes of Paralysis)
हाई ब्लड प्रेशर रहे सर्तक
सर्दियों में हाई ब्लड प्रेशर से ग्रसित लोगों को सावधान रहने की जरूरत होती है. क्योंकि ऐसे लोगों को स्ट्रोक आने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. ठंड में अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने से दिमाग की नस फटने का डर रहता है. इस वजह से भी लकवा होने का खतरा ज्यादा रहता है.
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना भी खतरनाक
सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना भी खतरनाक होता है. क्योंकि रक्त संचार रुकने के कारण भी शरीर के उस हिस्से में लकवा का खतरा रहता है. लगभग 85 प्रतिशत लोगों में ब्रेन की खून की नली बाधित होने की वजह से 15 प्रतिशत में ब्रेन में खून की नली फटने के कारण लकवा होता है.
इन बीमारियों से पीड़ित लोग भी रहे सावधान
सर्दियों में डायबिटीज, हार्ट से संबंधित बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान शराब का अधिक सेवन करने वालों को लकवा का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में इस तरह के लोगों को सर्दियों में अपना विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है.
लकवा का इलाज (Treatment of Paralysis)
- सर्जरी या विच्छेदन (surgery or possible amputation)
- फिजिकल थेरेपी (physical therapy)
- व्यावसायिक चिकित्सा (occupational therapy)
- गतिशीलता सहायक उपकरण (mobility aids)
- स्पास्टिक पैरालिसिस (spastic paralysis)
लकवा से ऐसे करें बचाव (Prevention of Paralysis)
- लाइफस्टाइल में करें बदलाव
- शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की कोशिश करें
- नियमित रूप से व्यायाम करने की आदत डालें
- धूम्रपान से रहें दूर
- शराब का सेवन करने से बचें
- सर्द हवाओं से खुद को बचाकर रहें
- हाई ब्लड प्रेशर ब्लड शुगर की नियमित रूप से जांच करें
- दुर्घटनाओं से बचकर रहें
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करते है.)












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