सुकन्या समृद्धि योजना : इन 5 बड़े बदलावों के बारे में जरूर जानें, वरना होगा नुकसान

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पोस्ट ऑफिस की कई छोटी बचत योजनाएं हैं। इनमें से एक है सुकन्या समृद्धि योजना। सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार समर्थित बचत योजना है। यह योजना माता-पिता को उनकी बेटी की भविष्य की शिक्षा और शादी के खर्च के लिए एक फंड बनाने के लिए मदद करती है। 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान के तहत ये योजना शुरू की गई थी। इस योजना पर वर्तमान में 7.6 फीसदी (अप्रैल-जुलाई 2020 तिमाही के लिए) की ब्याज दर ऑफर किया जा रहा है। ये योजना टैक्स बेनेफिट भी प्रदान करती है। आप सुकन्या समृद्धि योजना का खाता किसी भी भारतीय पोस्ट ऑफिस या अधिकृत कमर्शियल बैंक की शाखा में खोल सकते हैं। यदि आपने भी अपनी बेटी के लिए इस योजना के तहत खाता खुलवाया है या खुलवाने की योजना बना रहे हैं तो आपको 5 बड़े बदलावों के बारे में जानना चाहिए।

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पहले नियम ये था कि दो बेट‍ियों के लिए खाता खोला जा सकता है। तीसरी बेटी के मामले में यह फायदा नहीं मिलता था। पर अब तीसरी बेटी (जुड़वां बेटी या एक साथ तीन बेटी के मामले में) के मामले में भी यह फायदा मिलेगा।

खाता बंद करने का नियम

‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के खाते को पहले बेटी के गुजर जाने या उसका पता बदलने पर बंद क‍िया जा सकता था। पर अब यदि खाताधारक को जानलेवा बीमारी हो जाए तो भी खाता बंद कराया जा सकता है। वहीं यदि अभिभावक गुजर जाये तो भी खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है।

डिफॉल्ट का नियम

पहले के नियम के अनुसार यदि आप कम से कम 250 रुपये हर साल खाते में जमा नहीं करते तो खाता ड‍िफॉल्‍ट हो जाता था। पर अब मैच्योरिटी तक जमा राशि पर ब्याज दिया जाएगा।

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पहले 10 साल की आयु में बेटी खाता चला सकती थी। मगर ये आयु लिमिट अब बढ़ा कर 18 साल कर दी गयी है। 18 साल की उम्र तक बेटी के अभिभावक ही खाते को चला सकेंगे।

ब्याज का नियम

नए नियम के तहत अगर खाते में गलत ब्‍याज डल गया तो रिफंड नहीं होगा। वहीं सालाना ब्‍याज हर वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट होगा। पोस्ट ऑफिस या बैंक में खोले गए एसएसवाई खाते को दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए ट्रांसफर के लिए अनुरोध करने से पहले अपनी पासबुक और अन्य दस्तावेज उपलब्ध रखें। एसएसवाई खाते को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने के लिए, खाताधारकों को उस डाकघर या बैंक में जाना होगा जहां उनका प्राथमिक खाता है। बालिका को शाखा में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है जब तक कि वह अपने खाते को खुद न संभाल रही हो। आपको खाता ट्रांसफर का अनुरोध करने वाला एक फ़ॉर्म भरना होगा। ट्रांसफर रिक्वेस्ट फॉर्म के लिए उस बैंक ब्रांच या पोस्ट ऑफिस से संपर्क करें जहां अकाउंट खोला गया था। आवेदन पत्र पर आपको उस बैंक या डाकघर का नाम और पता दर्ज करना होगा जहां खाता स्थानांतरित किया जाएगा।

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