किच्छा और गदरपुर में 40 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख; किसानों को लाखों का नुकसान

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ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा और गदरपुर क्षेत्रों से एक दुखद खबर सामने आई है। कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल में लगी भीषण आग ने दर्जनों किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी है। कुछ ही घंटों के भीतर करीब 30 से 40 एकड़ की मेहनत राख के ढेर में बदल गई।

यहाँ इस भीषण अग्निकांड का विस्तृत विवरण दिया गया है:

किच्छा/गदरपुर (12 अप्रैल 2026): गर्मी की शुरुआत और तेज हवाओं के बीच खेतों में आग लगने की घटनाओं ने विकराल रूप ले लिया है। ऊधम सिंह नगर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही दिन हुई इन घटनाओं से किसानों की साल भर की पूंजी स्वाहा हो गई।

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1. किच्छा: गंगापुर गांव में तबाही

  • क्षेत्र: किच्छा विधानसभा का गंगापुर गांव।

  • नुकसान: अचानक लगी आग ने देखते ही देखते 30 से 40 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

  • चुनौती: सूखी फसल और तेज हवा के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक फायर ब्रिगेड पहुँचती, तब तक करीब एक दर्जन किसानों की फसल पूरी तरह जल चुकी थी। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और पानी की मदद से काफी संघर्ष किया, लेकिन आग बेकाबू रही।

2. गदरपुर: गूलरभोज में दूसरी घटना

किच्छा के साथ ही गदरपुर के गूलरभोज (गोविंदपुर ग्राम सभा) में भी गेहूं के खेतों से लपटें उठीं।

  • कार्रवाई: सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग ने फायर टेंडर मौके पर भेजे।

  • बचाव: फायर कर्मियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से आग को और अधिक फैलने से रोक लिया गया, हालांकि यहाँ भी कई एकड़ फसल जल गई।

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3. अग्निशमन विभाग की जांच और अपील

अग्निशमन अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि दोनों स्थानों पर आग लगने के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है।

  • जांच: शॉर्ट सर्किट या किसी मानवीय लापरवाही (बीड़ी-सिगरेट) के एंगल से जांच जारी है।

  • सतर्कता की अपील: विभाग ने राहगीरों और किसानों से अपील की है कि:

    • खेतों के पास बीड़ी, सिगरेट या माचिस न जलाएं।

    • खेत के आसपास कूड़ा या पराली न जलाएं।

    • बिजली की ढीली तारों की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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4. किसानों पर आर्थिक संकट

गेहूं की फसल कटाई के अंतिम चरण में थी। किसानों की साल भर की आय का यही मुख्य स्रोत था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वे इस आर्थिक सदमे से उबर सकें।

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