अंबिकापुर (2 अप्रैल 2026): दोस्ती, शराब, गुस्सा और फिर पछतावे की यह कहानी 24 मार्च की रात शुरू हुई थी, जिसका अंत अब सलाखों के पीछे हुआ है।
1. हत्या की वजह: शराब और टूटा हुआ मोबाइल
पुलिस जांच और आरोपी के कबूलनामे के अनुसार घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:
-
तारीख: 24-25 मार्च की दरमियानी रात।
-
विवाद: 35 वर्षीय बृजलाल अगरिया शराब के नशे में अपने दोस्त मिथलेश कुजूर (37 वर्ष) के घर पहुँचा। वह मिथलेश पर साथ बैठकर शराब पीने का दबाव बनाने लगा।
-
झड़प: नवरात्रि का समय होने के कारण मिथलेश ने शराब पीने से मना किया, जिससे दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मिथलेश का मोबाइल फोन टूट गया।
-
वारदात: मोबाइल टूटने के गुस्से में मिथलेश ने पास रखे डंडे से बृजलाल के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
2. साक्ष्य छिपाने की साजिश: आंगन बना कब्रगाह
हत्या के बाद मिथलेश घबरा गया और उसने अपनी पत्नी राजकुमारी के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई:
-
उन्होंने घर के आंगन में ही एक गहरा गड्ढा खोदा और बृजलाल के शव को उसमें डाल दिया।
-
साक्ष्य छिपाने के लिए गड्ढे को प्लाईबोर्ड और मिट्टी से ढंक दिया गया ताकि किसी को शक न हो।
3. ‘आत्मा’ का खौफ और सरेंडर
शव को दफनाने के बाद मिथलेश की रातों की नींद उड़ गई। उसने पुलिस को बताया कि:
-
उसे लगातार अपने मृत दोस्त की आत्मा दिखाई देती थी।
-
उसके अनुसार, मृतक की आत्मा उससे अपना विधिवत अंतिम संस्कार करने को कहती थी।
-
इसी मानसिक दबाव और डर के कारण मिथलेश ने गांधीनगर थाने जाकर पूरी सच्चाई पुलिस के सामने उगल दी।
4. पुलिस की कार्रवाई
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आंगन की खुदाई करवाई:
-
शव बरामदगी: गड्ढे से सड़ी-गली अवस्था में बृजलाल का शव बरामद किया गया।
-
गिरफ्तारी: पुलिस ने मुख्य आरोपी मिथलेश कुजूर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उसकी पत्नी की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
-
पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

