बिंदुखत्ता के लिए बड़ी खुशखबरी: राजस्व गांव बनाने की घोषणा को सीएम धामी ने किया ‘पुनर्जीवित’; सांसद अजय भट्ट ने जताया आभार
लालकुआं (28 फरवरी 2026): लालकुआं क्षेत्र की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित मांग ‘बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा’ दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पूर्व में विलोपित (हटा दी गई) की गई घोषणा को पुनः जीवित करने का औपचारिक अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
क्यों रुकी थी प्रक्रिया? (पृष्ठभूमि)
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की राह में कुछ तकनीकी और विधिक अड़चनें थीं:
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वन भूमि का मामला: बिंदुखत्ता वर्तमान में वन क्षेत्र (Forest Land) के अंतर्गत आता है। नियमानुसार, इसे राजस्व गांव घोषित करने से पहले भारत सरकार (केंद्र) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य है।
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विलोपन का कारण: 01 जुलाई 2025 को हुई विभागीय समीक्षा बैठक में लंबी कानूनी प्रक्रिया और समय लगने की संभावना को देखते हुए इस घोषणा को राजस्व विभाग की सूची से विलोपित करने का अनुरोध किया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया था।
सांसद अजय भट्ट की सक्रियता और सीएम का निर्णय
क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि वह, स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि लगातार मुख्यमंत्री के संपर्क में थे।
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं बिंदुखत्ता के निवासियों की भावनाओं को समझते हैं। अब इस घोषणा को पुनर्जीवित करने का अनुमोदन मिल गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।” — अजय भट्ट, क्षेत्रीय सांसद
अगला कदम: ‘डी-फॉरेस्ट’ करने की चुनौती
घोषणा के पुनर्जीवित होने के बाद अब मुख्य ध्यान तकनीकी प्रक्रियाओं पर होगा:
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केंद्र पर दबाव: सांसद ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता को ‘डी-फॉरेस्ट’ (वन भूमि से मुक्त) कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृतियां लेने हेतु राज्य सरकार पूरा दबाव बनाएगी।
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नीतिगत निर्णय: केंद्र से NOC मिलने के बाद शासन स्तर पर इसे राजस्व ग्राम घोषित करने का अंतिम नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम: मुख्य बिंदु (Quick Snapshot)
| विवरण | ताजा अपडेट |
| ताजा निर्णय | मुख्यमंत्री ने घोषणा को ‘पुनर्जीवित’ करने का अनुमोदन दिया। |
| मुख्य बाधा | वर्तमान में वन भूमि क्षेत्र होना। |
| समाधान प्रक्रिया | केंद्र से NOC प्राप्त करना और ‘डी-फॉरेस्ट’ प्रक्रिया। |
| प्रभाव | हजारों परिवारों को मालिकाना हक और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। |
| प्रमुख नेतृत्व | सीएम पुष्कर सिंह धामी, सांसद अजय भट्ट एवं स्थानीय विधायक। |
महत्व: बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिलने से यहाँ के निवासियों को भूमि पर मालिकाना हक, बैंकों से ऋण की सुविधा और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा, जो वर्तमान में वन भूमि होने के कारण सीमित है।

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