हिमालय प्रहरी

मुर्सलीन की मौत पर उठे बड़े सवाल: हत्या या आत्महत्या? हाईकोर्ट के आदेश पर 19 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव

खबर शेयर करें -


राजू अनेजा,काशीपुर। 17 वर्षीय मुर्सलीन की संदिग्ध मौत का मामला अब और अधिक रहस्यमय होता जा रहा है। मौत के 19 दिन बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश पर उसका शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुर्सलीन की मौत आत्महत्या थी या फिर हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया था।

बारिश के बीच कब्र से निकाला गया शव

शुक्रवार सुबह नौगजा कब्रिस्तान में प्रशासनिक अधिकारियों, फोरेंसिक विशेषज्ञों और परिजनों की मौजूदगी में कब्र की खुदाई की गई। उस समय हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी। करीब साढ़े दस बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। फोरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम अभय प्रताप सिंह, फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र, सीओ प्रशांत कुमार, कोतवाल हरेंद्र सिंह, एसआई गणेश पांडेय, कौशल भाकुनी समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

16 मई को घर से लापता हुआ था मुर्सलीन

काशीपुर के विजय नगर नई बस्ती निवासी मुर्सलीन 16 मई की रात करीब 10 बजे घर से अचानक गायब हो गया था। अगले दिन तड़के करीब साढ़े पांच बजे उसका शव घर की तीसरी मंजिल पर बनी एक कोठरी में पंखे के पास पाइप से लटका मिला था। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया, लेकिन परिजनों ने शुरू से ही हत्या की आशंका जताई।

पिता ने लगाए हत्या के आरोप

मुर्सलीन के पिता इमरान अली ने कटोराताल चौकी में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि उनके बेटे की कहीं और हत्या कर शव को घर में लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया गया। उनका कहना था कि घटना वाली रात मुर्सलीन अपनी प्रेमिका से मिलने दो बार उसके घर गया था। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में भी प्रेमिका से तीन बार बातचीत होने की बात सामने आई थी।

प्रेमिका के भाई पर गंभीर आरोप

परिजनों का आरोप है कि प्रेमिका का बड़ा भाई फैज आलम लंबे समय से मुर्सलीन को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। इसी कारण परिवार ने शुरू से मामले की निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि कई ऐसे तथ्य हैं जो आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े करते हैं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई

मामले में एक जून को पुलिस ने किशोरी, उसके पिता शकील और भाइयों फैज आलम, शान तथा शावेज के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद परिजनों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने शव को कब्र से निकालकर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

अब हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की पैनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यही रिपोर्ट तय करेगी कि मुर्सलीन की मौत आत्महत्या थी या उसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई है। फिलहाल पूरे शहर की निगाहें इस बहुचर्चित मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 जून को हाईकोर्ट में होनी है।

Exit mobile version