
खटीमा। वक्फ जामा मस्जिद एवं मदरसा रहमानिया की बहुमूल्य संपत्तियों के प्रबंधन में बड़े पैमाने पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। वर्ष 2020 में तत्कालीन प्रबंध समिति पर लगे गंभीर आरोपों की विभागीय व न्यायिक जांच के बाद, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के प्रशासक कामिल खान की तहरीर पर खटीमा कोतवाली में वर्ष 2020 के तत्कालीन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत कुल 13 पदाधिकारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद से ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है।
बिना अनुमति ₹1.47 करोड़ जुटाने, दुकानों के अवैध आवंटन और रिकॉर्ड नष्ट करने का आरोप
दर्ज एफआईआर के अनुसार, तत्कालीन प्रबंधन समिति पर नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति के करीब 1.47 करोड़ रुपये जुटाने, निविदा और दुकानों के आवंटन की तय प्रक्रिया का उल्लंघन करने, मनमाने ढंग से किराया निर्धारण करने तथा विभागीय अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने मामले में नजमुल हसन, इकबाल अहमद, खलीक अहमद, रईस अहमद, समी खान, शारिफ़ अंसारी, यामीन, मोहम्मद हसन मंसूरी, जावेद राजा, तसव्वर अली, इंतजार अहमद, आरिफ सलमानी और शहाबुद्दीन को नामजद किया है। पुलिस ने मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी है।