स्थापना दिवस मेले को लेकर प्रशासन अलर्ट, 13 से 16 जून तक लागू रहेगा विशेष ट्रैफिक प्लान; बाइक संचालन पर रहेगी रोक
राजू अनेजा,नैनीताल/कैंचीधाम। विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, विद्युत और सफाई व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी विवेक राय स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठकें कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
एडीएम विवेक राय ने बताया कि मेले को व्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए मंदिर समिति, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ कई दौर की बैठकें की गई हैं। सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की सबसे बड़ी तैयारी
कैंचीधाम क्षेत्र में सीमित स्थान होने के कारण हर वर्ष भीड़ और यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता है। इसे देखते हुए इस बार पहले से अधिक प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। 13 जून से 16 जून तक विशेष ट्रैफिक एवं डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। इस अवधि में कैंचीधाम मार्ग पर बाइक संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
श्रद्धालुओं को सुगमता से मंदिर तक पहुंचाने के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, भीमताल, भवाली सैनिटोरियम और नैनीताल से विशेष शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा।
शटल सेवा का किराया भी तय
आरटीओ विभाग ने शटल सेवाओं का किराया भी निर्धारित कर दिया है। हल्द्वानी से कैंचीधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 100 रुपये तथा भीमताल और भवाली से आने वाले यात्रियों के लिए 50 रुपये किराया तय किया गया है। सभी वाहन संचालकों को किराया सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों से किसी प्रकार की अतिरिक्त वसूली न हो सके।
सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
एडीएम विवेक राय ने बताया कि विद्युत विभाग, जल संस्थान, नगर पालिका भवाली और जिला पंचायत को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत, खतरनाक मोड़ों को दुरुस्त करने और मार्ग में बाधक पेड़ों एवं टहनियों को हटाने का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पैदल श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित मार्ग भी तैयार किए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
मेले के दौरान विभिन्न स्थानों पर सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन का दावा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
सोशल मीडिया से भी दी जा रही जानकारी
श्रद्धालुओं को ट्रैफिक प्लान, पार्किंग स्थलों और शटल सेवाओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चला रहा है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि मेले का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
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