पतंजलि और डाबर को लगा झटका जांच में शहद के नमूने पाए गए फेल

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जानिए शहद के ये सेहत लाभ, कीजिए यूज – Navyug Sandesh

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा 2 वर्ष पूर्व लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में पतंजलि एवं डाबर जैसी बड़ी कंपनियों के सैंपल भी फेल हो गए हैं, पतंजलि एवं डाबर शहद के नमूने मानकों की कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए हैं इन सभी संतो की दोबारा जांच ना कराए जाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग संबंधित के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।

जानिए उस समय क्या बोले थे पतंजलि के डायरेक्टर?

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पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डारेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने भी कहा था कि यह सिर्फ हमारे प्रोडक्ट को बदनाम करने की साजिश है, जिससे प्रोसेस्ड शहद का प्रचार किया जा सके, इसके अलावा उन्होंने कहा था कि हमारे यहां कैपिटल और मशीनरी की मदद से 100 फीसदी शुद्ध शहद बनाया जाता है, इसके अलावा Fssai के सभी मानदंडों को पूरी सफलता के साथ पास किया जाता है!

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खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय सिंह क्या बोले?

2019 में होली व दीपावली पर  26 नमूने लिए गए थे। इनमें सात सैंपल एफएसएस एक्ट के मानकों के अनुसार नहीं पाए गए। होली पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार दिसंबर 2020 में पतंजली व डाबर शहद के नमूने लिए गए थे। वह भी जांच में फेल हो गए। साथ ही उन्होंने यह जानकारी भी दी कि जांच में फेल पाए गए नमूनों के मामले में संबंधित कंपनी अपने नमूनों की पुनः जांच करवाएं 1 माह के भीतर कंपनी ने अपने नमूनों की जांच सेंट्रल लैब से करवानी होगी और यदि केंद्रीय प्रयोगशाला से भी नमूने फेल हो जाते हैं तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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