सोशल मीडिया पर ‘बदनामी’ ने ली युवक की जान; वायरल वीडियो से आहत बिंदुखत्ता के दीपक मेहता ने सल्फास खाकर किया सुसाइड
लालकुआं क्षेत्र (बिंदुखत्ता) से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने 30 वर्षीय युवक की जान ले ली। ‘कच्ची शराब’ ले जाने के शक में बनाए गए वीडियो और उसके बाद हुए अपमान से आहत होकर युवक ने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक की पहचान दीपक सिंह मेहता (निवासी रावत नगर, बिंदुखत्ता) के रूप में हुई है, जो अपने पीछे तीन छोटे बच्चों (दो बेटियां और एक तीन माह का बेटा) को छोड़ गए हैं।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और परिवार की न्याय की मांग का विवरण दिया गया है:
लालकुआं/हल्द्वानी (30 मार्च 2026): रावत नगर निवासी दीपक सिंह मेहता की मौत ने एक बार फिर सोशल मीडिया के ‘ट्रायल’ और साइबर बुलिंग के गंभीर परिणामों को उजागर किया है।
1. घटना की पृष्ठभूमि: शक, वीडियो और अभद्रता
परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले दीपक को रास्ते में रोककर कच्ची शराब के शक में जांच की गई थी। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
गहरा मानसिक तनाव और आत्मघाती कदम
दीपक के भाई परवीन सिंह मेहता ने ‘दैनिक भास्कर’ को दिए साक्षात्कार में बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद से दीपक गहरे मानसिक दबाव में आ गया था। वह लोगों से मिलने-जुलने से कतराने लगा था।
-
सुसाइड: शनिवार को दीपक घर से करीब 3 किमी दूर शीशम भुजिया स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुँचा, जहाँ उसने सल्फास खा लिया।
-
अंतिम सूचना: जहर खाने के बाद, उसने खुद ही फोन कर परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजन उसे तुरंत निजी अस्पताल और फिर सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
3. “अपमान ने ली जान”: भाई परवीन मेहता की गुहार
दीपक के भाई परवीन ने प्रशासन से इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और ‘सख्त कार्रवाई’ की मांग की है। सोशल मीडिया पोस्ट में परवीन ने कहा:
“अगर मेरे भाई की गलती थी तो कार्रवाई पुलिस करती, लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम किया गया। इसी अपमान ने मेरे भाई की जान ले ली। जो लोग इसमें शामिल हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
Snapshot: लालकुआं वायरल वीडियो सुसाइड केस
| विवरण | जानकारी |
| मृतक | दीपक सिंह मेहता (30 वर्ष) |
| निवासी | रावत नगर, बिंदुखत्ता |
| कारण | सोशल मीडिया पर बदनामी और मानसिक तनाव |
| परिवार | पत्नी, दो बेटियां और एक 3 माह का बेटा (बेसहारा) |
| प्रशासनिक कार्रवाई | शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया; वीडियो सोशल मीडिया से हटाया गया |
निष्कर्ष: दीपक मेहता की मौत केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि भीड़तंत्र और सोशल मीडिया की गैर-जिम्मेदाराना भूमिका का परिणाम है। प्रशासन को न केवल वीडियो बनाने वालों, बल्कि इसे वायरल करने वाले ‘कीबोर्ड वॉरियर्स’ पर भी नकेल कसनी होगी, ताकि भविष्य में कोई और ‘दीपक’ इस तरह बुझ न जाए।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

