रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हरिद्वार में की संत परंपरा की सराहना; सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर दिया जोर
हरिद्वार: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति और संत परंपरा के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
संत परंपरा देश की सबसे बड़ी ताकत
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में संतों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा:
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संत सदियों से भारत की सांस्कृतिक धारा के रक्षक रहे हैं।
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देश की संत परंपरा भारत की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है।
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हमारी संत परंपरा हमें अपनी गहरी जड़ों और व्यापक सांस्कृतिक आकाश का बोध कराती है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की आवश्यकता
राजनाथ सिंह ने राष्ट्रवाद के व्यापक स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा:
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आज संकीर्ण राष्ट्रवाद से ऊपर उठकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ओर देखने की जरूरत है।
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सनातन संस्कृति और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं।
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यह संस्कृति हमें जीवन के मूल्य सिखाती है और सही-गलत के बीच विवेक करना सिखाती है।
ब्रह्मलीन स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज को दी श्रद्धांजलि
यह भव्य समारोह भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज की पावन स्मृति में उनके समाधि स्थल पर आयोजित किया जा रहा है। शुक्रवार को इस आयोजन का तीसरा दिन रहा।

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