हल्द्वानी: RTO दफ्तर में जिलाधिकारी का औचक छापा; दलालों में मचा हड़कंप, DM ने दिए सख्त निर्देश
हल्द्वानी: नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) में अचानक छापेमारी की। डीएम की इस औचक कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। जैसे ही डीएम की गाड़ी परिसर में रुकी, वहां सक्रिय दलाल मौके से फरार हो गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने आरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली को परखने के साथ ही पारदर्शिता के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
🔍 निरीक्षण के मुख्य बिंदु और डीएम के निर्देश
जिलाधिकारी ने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निम्नलिखित आदेश जारी किए:
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नेम प्लेट और आई-कार्ड अनिवार्य: सभी कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान नेम प्लेट और पहचान पत्र (ID Card) पहनना अनिवार्य होगा, ताकि जनता को पता रहे कि वे किससे बात कर रहे हैं।
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पेंडेंसी खत्म करने के आदेश: डीएम ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस, परमिट या वाहन पंजीकरण से संबंधित कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित (Pending) नहीं रहनी चाहिए।
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दलालों पर नकेल: डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन जल्दी कराने के नाम पर हस्तक्षेप करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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CCTV और पारदर्शिता: कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों और रिकॉर्ड सिस्टम को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और काम में पारदर्शिता आए।
🗣️ प्रशासन का सख्त रुख
डीएम ललित मोहन रयाल ने आरटीओ गुरदेव सिंह और अन्य अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता को अपने कार्यों के लिए किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य आरटीओ की सेवाओं को सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है।
इस दौरान परिवहन विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें विभागीय अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई।
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