हिमालय प्रहरी

बेटी की पुकार को अनसुना कर निकल पड़े लोगों को बचाने, लोगों को बचाते हुए मलबे की चपेट में आए..सदमे में परिवार

खबर शेयर करें -

गोपेश्वर: चमोली के नंदानगर में आई आपदा में एक शख्स ने अपनी जान की परवाह किए बिना ग्रामीणों को बचाने का बीड़ा उठाया और इसी दौरान वह खुद लापता हो गया। 14 साल की बेटी की गुहार के बाद भी वह नहीं रुके और आधी रात को भारी बारिश में अपने घर से निकल गए। इस घटना के बाद से उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है।


 

बेटी की पुकार को अनसुना कर निकल पड़े लोगों को बचाने

 

यह घटना कुंतरी लगाफाली गाँव के निवासी नरेंद्र सिंह रावत के साथ हुई। गुरुवार रात लगभग 1 बजे, जब भारी गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई, तो उनकी नींद खुल गई और उन्हें खतरे का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी, बेटे और 14 वर्षीय बेटी तुनजा को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। जब वह खुद ग्रामीणों की मदद के लिए जाने लगे, तो बेटी ने उनसे रुकने की विनती की और कहा, “पापा… पापा… बाहर भारी वर्षा है, खतरा है। आप कहीं मत जाओ प्लीज… हमें डर लग रहा है।”

लेकिन, नरेंद्र सिंह ने बेटी की बात को अनसुना कर दिया। उन्होंने कहा कि गांव के अन्य लोगों को भी सुरक्षित जगह पर ले जाना है। वह घर-घर जाकर लोगों को जगाने लगे और उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए कहने लगे।


 

लोगों को बचाते हुए मलबे की चपेट में आए

 

नरेंद्र सिंह जब लोगों को जगाकर सुरक्षित स्थान पर भेज रहे थे, तभी अचानक वह मलबे की चपेट में आ गए और लापता हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार की चिंता छोड़ कर दूसरों की जान बचाने के लिए एक साहसिक कदम उठाया, जिसकी वजह से आज कई लोग सुरक्षित हैं। जबकि, उनका खुद का मकान पूरी तरह से सुरक्षित है।

Exit mobile version